…तो मैं डायटिशियन बनती!

बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियां अभिनय के साथ फिल्म निर्माण में हाथ आजमा  रही हैं। `सुरमा’ के जरिए फिल्म निर्माण में कदम रख चुकी अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह इन दिनों मुख्यत: दो वजहों से सुर्खियों में हैं। पहली चित्रांगदा की `बाजार’ २६ अक्टूबर को रिलीज हो रही है। दूसरी एक फ़ूड शो को वे जज करेंगी। इसके अलावा चित्रांगदा ने अपने प्रोडक्शन के तहत नई फिल्म का निर्माण भी शुरू कर दिया है, जो  केरल के एक स्वीमर की बायोपिक है। पेश है चित्रांगदा सिंह से पूजा सामंत की हुई बातचीत का प्रमुख अंश –
 आपने अभिनय से फिल्म निर्माण में कदम रखा, टीवी शो में जज के रूप में नियुक्त हो चुकी हैं। यह वैâसे संभव हुआ?
 आपका कहना सही है, इस फूड शो की होस्टिंग की जिम्मेदारी मुझ पर मैरियोट इंक और ए एक्स एन चैनल ने मिलकर सौंपी है। मुझ में कलिनरी स्किल्स है या नहीं, यह उन्होंने जज किया नहीं लेकिन उन्होंने यह जज किया कि आईएम ए पैशनेट ट्रैवलर।  मैं बहुत ट्रैवल करती हूं। मैंने दुनिया के व्यंजनों को टेस्ट किया है, उसे एन्जॉय किया है। मैं फूड कल्चर के बारे में जानती-समझती हूं। मैंने फूड एंड न्यूट्रीशियन में ग्रेजुएशन पूरा किया है ।
 आपकी रुचि फ़ूड में है। करियर कहीं गलत तो नहीं चुना आपने?
 बात ऐसी नहीं है। मेरे डैड कर्नल निरंजन सिंह आर्मी में थे, उनकी पोस्टिंग पूरे देश में होती रही है। घर में फिल्म्स से रिलेटेड कोई माहौल दूर-दूर तक नहीं था। मैंने कॉलेज से स्नातक तक पढ़ाई की और फ़ूड एंड न्यूट्रीशियन में डिग्री प्राप्त की लेकिन कॉलेज के दिनों से मुझे मॉडलिंग व फिल्मों की ऑफर्स आती रही। मेरी डिग्री धरी की धरी रह गई और मैंने अभिनय को अपना प्रोफेशन बनाया अगर अभिनय में नहीं आती तो जाहिर-सी बात है मैं फूड एंड न्यूट्रीशियन से संबंधित करियर करती। मतलब अभिनेत्री नहीं बनती तो डायटिशियन बनती।
 नए शो में आप जज बनी हैं। क्या जिम्मेदारी होगी आपकी?
शो के दौरान शेफ हिमांशु तनेजा, शेफ विशाल अत्रिया, शेफ मयूर तिवारी, शेफ तनवीर क्वात्रा और शेफ रोबेर्टो जोरजोलि आदि के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। मुझे इनकी रेसिपीज टेस्ट करनी होगी और निर्णय देना होगा।
 आपकी फिल्म `साहिब बीवी और गैंगस्टर’ को असफलता मिली। क्या कारण था इसका?
 इसका सही-सही कारण मुझे कहना मुश्किल होगा। फिल्म के निर्देशक तिग्मांशु धुलिया एक सुलझे हुए निर्देशक हैं। उन्हें अपने देश के इंटीरियर का कल्चर अच्छे से पता है।  हो सकता है फिल्म लेट होने के कारण लोगों का चार्म निकल गया होगा।
 `सुरमा’ के बाद आप कौन सी फिल्म बना रही हैं?
मैंने `सुरमा’ का निर्माण पहले से सोचसमझकर नहीं किया था।  निर्देशक सुधीर मिश्रा ने मुझे लिखने के लिए प्रेरित किया। हॉकी के लीजेंड संदीप सिंह से मेरी मुलाकात हुई, उनके जीवन में हुआ एक्सीडेंट मेरे जीवन में उथल-पुथल मचा गया और मैंने इस सत्य घटना पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया। सोनी पिक्चर्स ने बहुत योगदान दिया और मैं इस तरह से निर्मात्री बनी। अब केरल के एक स्वीमर की कहानी ने मुझे झकझोर दिया है।  इस पर फिल्म की तैयारियां शुरू हो चुकी हूं।