दक्षता में दहशत!, जर्जर हो गई हैं इमारतें

घाटकोपर-पूर्व स्थित रमाबाई कॉलोनी के दक्षता पुलिस हाउंसिंग सोसायटी की जर्जर इमारतों का छज्जा व स्लैप गिरने की एक साल में चार घटनाएं घट चुकी हैं। यहां रह रहे ४२२ पुलिस व उनके परिजन दहशत के साए में रहने को मजबूर हैं। म्हाडा-मनपा व अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गौरतलब है कि घाटकोपर-पूर्व स्थित रमाबाई कॉलोनी में करीब २३ साल पहले दक्षता पुलिस हाउंसिंग सोसायटी के सौजन्य से ४२२ पुलिस कर्मचारियों के रहने के लिए २२ पांच मंजिली इमारतों का निर्माण किया गया था। घटिया दर्जे के सामानों का उपयोग निर्माण कार्य में किया गया है। इन इमारतों की हालत अब ऐसी है कि वे कभी भी धराशायी हो सकती हैं, जिसका जीता-जागता उदाहरण यह है कि गत एक साल के भीतर यहां चार बार मकानों के छज्जे व स्लैप गिरने जैसी घटनाए हुई हैं। यहां के निवासी पुलिसवालों का कहना है कि इन इमारतों ने अपना दम तोड़ दिया है, यहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। गत दिनों सी/२ इमारत में रह रहे रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी शिवाजी कुटे के मकान का स्लैप अल सुबह अचानक ढहा, जिसके कारण वह अपनी पत्नी लक्ष्मीबाई के साथ दूसरी मंजिल से सीधा पहली मंजिल पर गिर गए थे। कुटे दंपति घायल हो गया था, जिसका इलाज अब भी कोहिनूर अस्पताल में शुरू है। यहां पुलिस कर्मचारियों की मानें तो इस सोसायटी के पदस्थ लोग ही सोसायटी का विकास होने नहीं दे रहे हैं।
वे अपने हित के लिए दूसरों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। शायद वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रोहिणी काले ने गत दिनों घटी घटना पर कहा कि शुक्र है ऊपरवाले का कोई हानि नहीं हुई अन्यथा मंजर कुछ अलग ही होता। इस संबंध में सोसायटी के निर्वाचित सदस्य, अध्यक्ष, सचिव सभी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। सब लोग यह कहते हुए पाए जाते हैं कि जल्द ही एजीएम की बैठक होगी, जिसमें उचित निर्णय लेकर पुनर्विकास का काम शुरू किया जाएगा।