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दरवाजा देखेगा!, स्टेशनों पर करेगा यात्रियों के टिकट चेक

रेलवे यात्रियों की वैधता के लिए नए तरीके के दरवाजे स्टेशनों पर लगाने जा रही है, इन्हें स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार पर लगाया जाएगा। इन दरवाजों में क्यूआर कोड पढ़ने की क्षमता होगी और इससे टिकट चेकिंग और आसान हो जाएगी। रेलवे के अनुसार इन सभी साधनों से टिकट चेकिंग स्टाफ की अटेंडेंस और यात्रियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी हो जाएगी। दरवाजों का काम रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड नाम की कंपनी की ओर से निशुल्क सीआरएस ऐक्टिविटी के तौर पर किया जा रहा है।
कैमरा का कमाल
यात्रियों और टिकट चेकिंग स्टाफ का स्पर्श न हो इसलिए मध्य रेलवे ने चेकइन मास्टर नाम का ऐप बनाया है। इस ऐप में ओसीआर और क्यूआर कोड पढ़ने की क्षमता है। टिकट निरीक्षक अपने मोबाइल कैमरे की मदद से यात्री का टिकट चेक करता है और इस तरह बिना स्पर्श के काम हो जाता है।
क्यूआर कोड इसलिए थे जरूरी
मुंबई लोकल में सफर कर रहे अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी क्यूआर कोड लागू कर दिया गया है। इस कोड से एक तो सही यात्रियों को ही ट्रेन में अनुमति देने का विकल्प मिला और दूसरा सोशल डिस्टेंसिंग का नियम सही से पालन करने में मदद मिली। रेलवे में ड्यूटी पर लौटने के बाद कई कर्मचारियों के संक्रमित होने की घटनाओं से नए विकल्प खोजे गए।
अब तक ११० की मौत
पश्चिम रेलवे के जगजीवन राम अस्पताल को कोरोना संक्रमित लोगों के लिए आरक्षित किया गया है। इस अस्पताल में अब तक कोरोना के चलते ११० रेल कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसमें से मध्य रेलवे के ८० कर्मचारी, पश्चिम रेलवे से २७ और अन्य डिविजनों के तीन कर्मचारी शामिल हैं। ५ अप्रैल से अब तक १,५६१ कोरोना पीड़ित मरीजों को मुंबई मध्य रेलवे के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से १,२९७ को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। वर्तमान में इस अस्पताल में १४८ कोरोना पॉजिटिव रोगियों का इलाज चल रहा है। इनमें मध्य रेलवे से ११४, पश्चिम रेलवे से ३१, पश्चिम-मध्य रेलवे से एक और अन्य रेलवे डिविजनों के दो रेलवे कर्मचारी शामिल हैं।