दरिंदों के साए में मुंबई, रोज हो रहे हैं ६ बलात्कार

सुरक्षा के मामले में मुंबई दुनिया के सुरक्षित शहरों में मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि यहां महिलाएं कभी भी और कहीं भी बिना खौफ के आ-जा सकती हैं लेकिन मुंबई में बलात्कार, खासकर बच्चियों के साथ बढ़ते यौन हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले ६ वर्षों में इसमें ६ गुना बढ़ोत्तरी दर्ज हुई। आरटीआई के तहत मुंबई पुलिस द्वारा जारी आंकडों पर विश्वास करें तो मुंबई में बलात्कार के औसतन ६ मामले प्रतिदिन दर्ज हुए हैं। जिनमें नाबालिगों से बलात्कार की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।
आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख को मुंबई पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष २०१३ में मुंबई में बलात्कार की ३८८ घटनाएं दर्ज हुई थीं। वर्ष २०१४ में बलात्कार के मामले बढ़कर ६०५ हो गए। तब से बलात्कार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष २०१५ में ७१० तो २०१६ में ७१२ मामले दर्ज हुए हैं। वर्ष २०१७ में बलात्कार के ७५१ मामले दर्ज हुए थे, जिनमें बच्चियों के साथ बलात्कार के २८९ मामले १ सितंबर, २०१७ से ३१ दिसंबर, २०१७ के बीच दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष २०१८ में १ जनवरी से ३० सितंबर के बीच महज ९ महीनों में बलात्कार के १,४९३ मामले मुंबई में दर्ज हुए, जिनमें वयस्क महिलाओं से बलात्कार की ६५१ घटनाएं घटीं तो वहीं ८४२ नाबालिगों को हवसी दरिंदों ने वासना का शिकार बनाया।