दसवीं का पेपर फिर लीक!

परीक्षा के दौरान पेपर लीक न हो इसलिए शिक्षा विभाग द्वारा कई उपाय योजना की गई है लेकिन ये उपाय एक बार फिर फेल साबित हुआ है। बुधवार को इतिहास-नागरिकशास्त्र का प्रश्नपत्र परीक्षा से आधा घंटे पहले ही व्हॉट्सऐप पर वायरल हो गया। भिवंडी के पी. डी. टावरे विद्यालय में पेपर लीक होने की बात सामने आई, जिसके बाद कॉलेज ने नारपोली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है।

बता दें कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दसवीं कक्षा का पेपर लीक हो गया। विज्ञान-१, विज्ञान-२ के बाद बुधवार को सामाजिक शास्त्र पेपर भी परीक्षा से पहले विद्यार्थियों तक पहुंच गया। भिवंडी के काल्हेर में स्थित पी. डी. टावरे विद्यालय में विगत तीन-दिन से कुछ विद्यार्थी परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट बाद परीक्षा केंद्र में पहुंचते थे। कुछ विद्यार्थियों ने शिक्षिका विद्या पाटील को बताया कि रिक्शा में उन्होंने तीन विद्यार्थियों को मोबाइल फोन में पेपर पढ़ते हुए देखा, जिसके बाद शिक्षिका ने विद्यार्थियों का मोबाइल फोन चेक किया ता
व्हॉट्सऐप पर पेपर का स्क्रीनशॉट मिला। केंद्रप्रमुख व मुख्याध्यापक गणेश भोईर ने नारपोली पुलिस थाना में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। १८ मार्च को हुई विज्ञान पेपर-२ की पेपर केईएमएस स्कूल से व्हॉट्सऐप पर वायरल होने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस ने इस मामले में ट्यूशन चलानेवाले शेख वजीर हफिजुल रहमान को हिरासत में लिया। कोर्ट ने उसे २६ मार्च तक की पुलिस हिरासत दी है। राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक मुंबई विभागीय शिक्षण मंडल के सचिव शरद खंडागले ने कहा कि पुलिस की तफ्तीश जारी है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिन विद्यार्थियों को व्हॉट्सऐप पर प्रश्नपत्र मिला, वे भिवंडी के एक कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थी हैं।
चार दिन पहले विद्यार्थियों ने व्हॉट्सऐप पर ‘टॉपर्स ग्रुप’ बनाया था।
ग्रुप में इतिहास के पेपर का स्क्रीनशॉट पाया गया था।