दसवीं में दिखा दम, ५ साल बाद बढ़ा सफलता प्रतिशत

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षण मंडल (सीबीएसई) द्वारा ली गई दसवीं की परीक्षा में विद्यार्थियों का दम देखने को मिला। ५ साल बाद सफलता प्रतिशत में ४.४० प्रतिशत से बढ़ोत्तरी हुई है। सीबीएसई बोर्ड में उत्तीर्ण होनेवाले विद्यार्थियों का औसतन प्रतिशत ९१.१० है। पूरे देश में ५०० अंकों में से ४९९ अंक पानेवाले कुल १३ विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान हासिल किया है, तो वहीं ४९७ अंक पाकर तीसरे स्थान पर आनेवाले विद्यार्थियों में कुल ५८ विद्यार्थियों में से ठाणे के आद्री दास, धात्री मेहता और नेरुल की दीपस्ना पांडा के नाम का समावेश है।
बता दें कि दसवीं की परीक्षा में बैठनेवाले कुल १७ लाख ६१ हजार ७८ विद्यार्थियों में से १६ लाख ४ हजार ४२८ विद्यार्थी ही उत्तीर्ण हो पाए हैं। पिछले वर्ष उत्तीर्ण होनेवाले विद्यार्थियों की संख्या की तुलना में इस वर्ष पास होनेवाले विद्यार्थियों की संख्या में १ लाख ६४ हजार ८३४ की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष का औसतन परिणाम ८६.७० प्रतिशत था। ९९.८५ प्रतिशत के साथ सबसे अधिक परिणाम त्रिवेंद्रम विभाग का है जबकि चेन्नई विभाग के अंतर्गत आनेवाले मुंबई विभाग का सफलता प्रतिशत ९९ प्रतिशत रहा। बारहवीं की तरह दसवीं में भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से काफी अच्छा रहा है। लड़कियों का सफलता प्रतिशत ९२.४५ और लड़कों का ९०.१४ प्रतिशत रहा। ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों का सफलता प्रतिशत में भी लगभग १० प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
विभागों का परिणाम
त्रिवेंद्रम ९९.८५
चेन्नई ९९.००
अजमेर ९५.८९
पंचकुला ९३.७२
प्रयागराज ९२.५५
भुवनेश्वर ९२.३२
पटना ९१.८६
देहरादून ८९.०४
दिल्ली ८०.९७