दस्तावेजों के लिए छात्रों को अफसरों का दे धक्का

मुंबई जैसे महानगर में लोगों के लिए दस्तावेज बहुत मायने रखता है। इन्हीं दस्तावेजों में से एक आय प्रमाण-पत्र भी है, जो गरीबों के लिए बीमारी इलाज कराने हेतू अस्पताल से लेकर बच्चों को स्कूल व कॉलेज में दाखिले तक के लिए अहम होता है। खासकर इस समय तहसील कार्यालय के बाहर सैकड़ों की तादाद में लोग वहां आते हैं। इसी के मद्देनजर विशेष शिविर का आयोजन किया तो गया लेकिन अफसरों की शरारत से लोगों को परेशानी आम दिनोंवाली झेलनी पड़ी। दस्तावेज बनवाने के लिए आए छात्र और अभिभावकों को काफी धक्के खाने पड़े।
बता दें कि अंधरी (प.) स्थित तहसील कार्यालय में कल विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। यह शिविर इसलिए आयोजित किया गया ताकि छात्रों और अभिभावकों को कुछ घंटों में आय प्रमाण-पत्र मिल सके। आमतौर पर इस प्रक्रिया को ८ से ९ दिन लग जाते हैं लेकिन कल आवेदन करने आए लोगों को काफी परेशानी हुई। नाम तो विशेष शिविर दिया गया लेकिन हकीकत में कोई विशेष सुविधा देखने को नहीं मिली। उचित व्यवस्था न किए जाने के कारण लोग एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास दौड़ लगाते नजर आए। इतना ही नहीं जिस फॉर्म को लेखपाल द्वारा भरा जाना था वो फॉर्म भी आय प्रमाण-पत्र की चाहत रखनेवाले लोगों से भरवाया जा रहा था। सांताक्रुज से आय प्रमाण-पत्र के लिए पहुंची भाग्यश्री कदम ने कहा कि ‘मैं गत वर्ष भी आय प्रमाण-पत्र लेने आई थी सब काम अच्छे से हो गया था लेकिन इस वर्ष मुझे काफी परेशानी हुई। पहले दिन लेखपाल द्वारा पंचनामा न किए जाने के कारण मुझे लौटना पड़ा। आज दूसरे दिन फॉर्म जमा करने के समय घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। अंधेरी की निवासी साक्षी पांचाल ने बताया कि उन्हें आय प्रमाण-पत्र के लिए ३ बार ऑफिस के धक्के खाने पड़े। विशेष शिबिर में किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मुहैया कराई गई थी। अंधेरी तहसील कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘एकाएक भीड़ बढ़ जाने से लोगों को समस्या हो रही है। हमारी ओर से हम यह प्रयास कर रहे हैं कि छात्रों-अभिभावकों को कोई परेशानी न हो। जो काम कर्मचारी का है वो काम उसे ही करना चाहिए न कि आवेदनकर्ताओं से करवाना चाहिए। इस संदर्भ में जब तहसीलदार सुभाष काकड़े से दूरध्वनी के माध्यम से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।