दस वर्ष में २४ हजार किसानों ने किया आत्महत्या

भाजपा सरकार में १० हजार किसानों ने की आत्महत्या
३८ प्रतिशत ही मिलती है सरकारी मदद
एक तरफ भाजपा सरकार बुलेट ट्रेन समृद्धि महामार्ग जैसी हजारों करोड़ रुपए की योजनाओं को अमल में ला रही है। वहीं दूसरी तरफ गणतंत्र दिवस के कुछ दिन पहले मालेगांव तालुका के कंधाने गांव के ३५ वर्षीय किसान ज्ञानेश्वर शिवणकर ने कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली। पिछले दस साल से किसानों की आत्महत्या का सत्र शुरू है। दस वर्ष में २३,६३८ किसानों ने आत्महत्या कर लिया। २००८ में १,९६६, २००९ में १,६०५, २०१० में १,७४१, २,०११ में १,५१८, २०१२ में १,४७३, २०१३ में १,२९६ किसानों ने आत्महत्या किया।
भाजपा सरकार आने के बाद २०१४ में १,९८१, २०१५ में ३,२६३, २०१६ में ३,०६३, २०१७ में २,९७१ और २०१८ में २७६१ किसानों ने आत्महत्या की है। सरकारी आंकड़े के अनुसार आत्महत्या करनेवाले कुल किसानों में से महज ३८ प्रतिशत किसानों के परिवारवालों को ही सरकारी मदद मिली है।