" /> दस विदेशी निवेशकों के साथ जल्द होगा करार- सुभाष देसाई

दस विदेशी निवेशकों के साथ जल्द होगा करार- सुभाष देसाई

60 हजार उद्योग शुरू
15 लाख मजदूर काम पर लौटे

विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्योग विभाग के प्रयास सफल हो रहे हैं और अगले दो से तीन दिनों में विभिन्न देशों के 10 निवेशकों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा अमेरिका, यूरोप, जापान, कोरिया, ताइवान और अन्य देशों के निवेशकों के साथ चर्चा अंतिम चरण में है। यह जानकारी राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने दी। रिव्यूट औद्योगिक क्षेत्र पर पोस्ट कोविड विषय पर आयोजित वेबिनार में उद्योग मंत्री सुभाष देसाई बोल रहे थे। इस अवसर पर लघु और मध्यम उद्योग संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत सालुंखे, उज्ज्वल कोठारी, सागर भोसले आदि उपस्थित थे।
उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि कोरोना संक्रमण ने उद्योग जगत को संकट में डाल दिया है लेकिन उद्योग विभाग इस संकट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक लगभग 60,000 उद्योग शुरू किए गए हैं, इसमें 15 लाख मजदूर काम कर रहे है। हालांकि अभी भी कुछ उद्योग मजदूरों की समस्या का सामना कर रहे हैं। इसे हल करने के लिए ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्रियल लेबर की स्थापना की गई है, इसके लिए एक वेब पोर्टल भी बनाया गया है। यह कुशल और अकुशल श्रमिकों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। लेबर ब्यूरो रिटर्स जून के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा, ऐसा सुभाष देसाई ने बताया। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर भारतीय श्रमिकों को फिर से आना चाहिए। कुछ उद्योग उनका इंतजार कर रहे हैं। उन सभी का पूरा सहयोग किया जाएगा। उनका पंजीकरण किया जाएगा। कोरोना संकट के कारण कितने लोग किस राज्य से आए थे, यह दर्ज किया जाएगा। यह पंजीकरण एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा, ऐसा भी सुभाष देसाई ने कहा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक मजदूर ब्यूरो की तैयारी अंतिम चरण में है। जून के अंतिम सप्ताह तक लेबर ब्यूरो कार्यान्वित हो जाएगा।
इस परिसंवाद में कॉरपोरेट एडवोकेट नितिन पोद्दार, मानवाधिकार आयोग के सदस्य ज्ञानेश्वर मूले, कंपनी के सलाहकार उदय शंकर, संतोष पाटील और अन्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भूषण गगरानी, ​​उद्योग सचिव वेणुगोपाल रेड्डी, एमआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी अंबलगन भी उपस्थित थे। इसके अलावा इस वेबिनार में लक्ष्मीकांत देशमुख, यशवंतराव चव्हाण मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय ने इस पहल में उद्योग विभाग की ओर से काम करने की तत्परता दिखाई है।