दाऊद को फांसी देकर ही रहेंगे!,  गोरेगांव में महायुति की सभा में उमड़ा जनसैलाब

अमरावती के बाद कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे मुंबई के गोरेगांव में आयोजित शिवसेना-भाजपा महायुति की विशाल सभा में गरजे। उन्होंने गरजते हुए कहा कि १९९२-९३ का दंगा वैâसे हुआ? कसाब वैâसे घुसा? बम धमाकों को वैâसे अंजाम दिया गया? इसका उत्तर कांग्रेसवाले दें। हमारी सरकार ने कहा है कि दाऊद को लाएंगे, मतलब लाएंगे ही। उस पर देशद्रोह का मामला चलाकर उसे फांसी देकर ही रहेंगे। ऐसा भरोसा मुंबईकरों को दिलाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश को शिवसेना-भाजपा के समर्थ हाथों में रखो। धनुष-बाण और कमल ही देश की सुरक्षा के दो निशान हैं।
गोरेगांव में उत्तर-पश्चिम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के शिवसेना-भाजपा महायुति प्रत्याशी गजानन कीर्तिकर के प्रचारार्थ विशाल सभा आयोजित की गई थी। सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने उक्त बातें कहीं। उद्धव ठाकरे ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस के मुखिया राहुल गांधी की बखिया भी उधेड़ी। उन्होंने कहा कि देशवासियों को भगवा प्रेम चाहिए, जबकि कांग्रेस देशद्रोह की धारा हटाने की बात करती है। मैं कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के मतदाताओं से सवाल करता हूं कि देशद्रोह का समर्थन करनेवालों का तुम साथ दोगे क्या? उनके हाथों में देश की सत्ता सौंपोगे क्या? पुराने कांग्रेसियों के बारे में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उस समय दिग्गज नेता थे। आज के कांग्रेसी नेताओं की ओर देखें तो सिर शर्म से झुक जाता है क्योंकि इन्होंने कई घोटाले किए हैं। आदर्श घोटाला, आईपीएल घोटाला, गोबर घोटाले सहित न जाने कितने घोटाले। इन्हीं घोटालों की वजह से ५ वर्ष पूर्व जनता ने इनकी आघाड़ी को लात मारा था और हमें पूछते हैं, शर्म आती है क्या? हमने ऐसा कोई काम नहीं किया है और न ही करेंगे, जिससे हमें शर्म आए। ६० वर्षों में जिन्होंने देश को बर्बाद किया है वे आनेवाले ५ वर्षों में देश को क्या सुधारेंगे। सोनिया हवन करा रही हैं, राहुल गांधी मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं और सुशील कुमार शिंदे भस्म लगा रहे हैं। वोट मांगने के लिए कांग्रेस की ये बेशर्मी शुरू है। मरे हुए इंसानों के नाम पर वे राजनीति कर रहे हैं। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने शरद पवार पर हमला बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान में क्रिकेट खिलाड़ी प्रधानमंत्री बन गया है। हमारे यहां जिसे प्रधानमंत्री बनने की इच्छा थी वो क्रिकेट बोर्ड का अध्यक्ष हो गया। कुर्सी इन्हें चाहिए ही फिर चाहे उस कुर्सी में खटमल ही क्यों न हो। महायुति प्रत्याशी गजानन कीर्तिकर से सवाल करनेवाले कांग्रेसी प्रत्याशी का नाम न लेते हुए उन्होंने उनकी जोरदार खिंचाई की। गजा भाऊ से सवाल करनेवाले पहले राहुल गांधी से पूछे कि उसे पद से क्यों हटाया गया? सर्जिकल स्ट्राइक पर संदेह करनेवाले कांग्रेसी नेताओं की भी उन्होंने जमकर खबर ली। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़े करनेवाले तुम कौन होते हो? राहुल गांधी ने जो कुछ किया है वह शर्मनाक है। लोग अब उल्लू नहीं बनेंगे। जवाहरलाल नेहरू के चलते देश को स्वतंत्रता नहीं मिली है। उसके लिए कई लोगों ने अपना बलिदान दिया है। नेहरू की जगह वल्लभ भाई उस समय प्रधानमंत्री होते तो ये पाकिस्तान अस्तित्व में ही नहीं आया होता। कल भरी सभा में उपस्थित शिवसैनिकों से उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि मैंने जो युति का पैâसला लिया है वो उचित है या नहीं? इस पर सभी ने एक सुर में उचित ठहराया। मैंने युति अपने स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि जनहित और किसानों के लिए की है। युति से पहले मैंने जो भी मुद्दे उठाए थे, चाहे वो नाणार परियोजना हो, राम मंदिर हो, मुंबईकरों का प्रॉपर्टी टैक्स हो या फिर किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा, इन सभी मुद्दों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने न केवल इसे सुना बल्कि उसे सुलझाया भी। भाजपा ने अपने संकल्प-पत्र में राममंदिर के निर्माण का उल्लेख भी किया है। विपक्ष को ये नहीं पता कि उनका प्रधानमंत्री कौन है? मोदी को हराने के लिए सभी एकजुट हुए हैं लेकिन लड़ने के लिए कोई तैयार नहीं। सभी को स्वर्ग चाहिए लेकिन मरने के लिए कोई भी तैयार नहीं। मोदी का नेतृत्व इसके लिए उचित है। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने गजानन कीर्तिकर और सुभाष देसाई की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि वे निष्ठावान शिवसैनिक हैं और उन्होंने कभी भगवा का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने आह्वान किया कि देश को शिवसेना-भाजपा के समर्थ हाथों में दो। इसके लिए शिवसेना-भाजपा महायुति के प्रत्याशी गजानन कीर्तिकर को भारी मतों से विजयी बनाएं।