दिलवाला है यह दिव्यांग!, ट्रैफिक नियमों से लोगों को करता है जागरूक

कहते हैं कि अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो शारीरिक निशक्तता भी आड़े नहीं आती। ऐसा ही एक नाम है संदीप खंडेलवाल, जो बैसाखी के सहारे चलकर पूरे जनपदवासियों को यातायात नियमों की जानकारी देकर संभावित घटनाओं से बचने का आह्वान करते हैं। उनके इस सामाजिक कार्य और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया। पीलीभीत के कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में आयोजित यातायात जागरूकता कार्यक्रम में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और तमाम सुरक्षा अधिकारियों ने संदीप खंडेलवाल को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। उनके यातायात जागरूकता कार्यक्रम का सिलसिला जनपद तक ही सीमित नहीं, बल्कि राजधानी दिल्ली में पिछले काफी समय से सुचारु रूप से जारी है।
बता दें कि कुछ वर्ष पहले एक एक्सीडेंट में संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब उनको बचाने के लिए डॉक्टरों ने करीब दर्जन भर से ज्यादा ऑपरेशन किए थे। उसके बाद उनका शरीर सामान्य से असामान्य हो गया। कद भी छोटा हो गया। बैसाखी के सहारे चलते हैं लेकिन उस घटना के बाद उन्होंने ठान लिया था कि उनकी तरह सड़क दुर्घटना में कोई दिव्यांग न हो, तभी से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का उन्होंने बीड़ा उठा रखा है। आज उनकी मुहिम के लोग कायल हैं। सुबह से शाम तक उनका पूरा वक्त लोगों की सेवा करने में ही बीतता है। हर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना उनकी दिनचर्याओं में शुमार हो गया है। इस काम के लिए उन्हें अब तक कई बड़े सम्मानों से नवाजा जा चुका है। संदीप खंडेलवाल मूलरूप से यूपी के पीलीभीत जिला के रहनेवाले हैं।