दिल्ली के ठगों का टारगेट मुंबई के बेरोजगार

– ८ महिला सहित १० धराए
– नौकरी दिलाने का देते थे झांसा
– ऐंठते थे रु. २५ हजार

नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगारों से प्रत्यक्ष ठगी के मामले तो अक्सर सामने आते हैं लेकिन दिल्ली के ठगों का ऐसा गिरोह भी सक्रिय था जो इंटरनेट के जरिए बेरोजगारों को अपना शिकार बनाता था, इस गिरोह में महिलाएं भी शामिल थीं। ये महिलाएं अपने सरगना के निर्देशानुसार बेरोजगारों को बड़ी कंपनियों में नौकरी लगाने का झांसा देती थी तथा उनसे पंजीकरण शुल्क और नौकरी दिलाने के लिए कमिशन के नाम पर २० से २५ हजार रुपए ऐंठ लेती थीं।
बता दें कि जॉब प्रâॉड के शिकार एक युवक ने बीकेसी स्थित सायबर पुलिस थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित को प्रतिष्ठित वाहन कंपनी में अच्छे पद और मोटी तनख्वाह का झांसा दिया गया था। उससे पंजीकरण शुल्क के नाम पर ३,४०० रुपए ले लिए और फिर नौकरी लगने का झांसा देकर अप्वॉइंटमेंट लेटर के नाम पर १७,००० रुपए ऐंठ लिए। डीसीपी विशाल ठाकुर ने बताया कि आरोपी दिल्ली में एक फर्जी कॉल सेंटर से ठगी का कारोबार चला रहे थे। वे ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया अकाउंट तथा इंटरनेट पर उपलब्ध बेरोजगारों से संबंधित वेबसाइटों से बेरोजगारों की जानकारी लेते थे और फिर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पंजीकरण शुल्क के नाम पर ३-४ हजार रुपए ऐंठ लेते थे। बाद में वे नकली लोगों व लेटरहेड का इस्तेमाल करके नौकरी लगने का झांसा देकर १५ से २० हजार रुपए अपॉइंटमेंट के कमिशन के रूप में मांगते थे। वे पीड़ितों को अपॉॅइंटमेंट कमिशन के रूप में दी गई राशि तनख्वाह में वापस मिलने का झांसा देते थे। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित १० लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ८ महिलाएं भी शामिल हैं।