" /> दिल्ली से भी बुरी है मझगांव की हवा!

दिल्ली से भी बुरी है मझगांव की हवा!

इस साल दिवाली के बाद दिल्ली की हवा ने देशभर के लोगों के होश उड़ा दिए। लोगों का घर से बाहर निकल कर सांस लेना मुश्किल हो गया और लोग कुछ समय के लिए अपने रिश्तेदारों के घर जाने लगे। दिल्ली की वायु को देशभर में सबसे ज्यादा प्रदूषित माना जाता है। ऐसे में हाल ही में मुंबई के मझगांव की हवा को दिल्ली की हवा से भी ज्यादा प्रदूषित पाई गई है। विगत गुरुवार को मझगांव की हवा का मापन किया गया, जिसमें यह सामने आया कि मझगांव की एयर क्वालिटी इंडेक्स ४५२ पीएम है, जो कि दिल्ली की वायु से भी बुरी है।

मुंबई के लगातार बढ़ रहे इमारत निर्माण के कार्यों और वाहनों की बढ़ रही संख्या के कारण यहां की वायु लगातार प्रदूषित होती जा रही है। लोगों द्वारा खुलेआम कचरा जलाने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा लगातार बढ़ रही जनसंख्या ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। कारखानों के विस्तार, वाहनों की संख्या में वृद्धि और जनसंख्या बढ़ने से शहर की वायु विषैली होती जा रही है। इस विषैली वायु से हमारे क्लाइमेट में भी बदलाव आ रहा है। मॉनसून और सर्दियों से गुजरने के बाद लोग मुंबई में अच्छे मौसम की राह ताक रहे थे लेकिन फरवरी-मार्च के महीने में ही गर्मी ने मुंबई को जकड़ लिया है, जिसके कारण लोग भौगोलिक परिस्थितियों को लेकर चिंतित हैं। इसमें मझगांव की हालत सबसे ज्यादा खराब नजर आ रही है। सघन बस्तियां होने, इमारतों के निर्माण, कारखानों के विस्तार और वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि से मझगांव की हवा मुंबई के सबसे प्रदूषित इलाकों की हवा की श्रेणी में आती है। लोग इस प्रकार के वातावरण में सांस लेकर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। मझगांव की हवा का मापन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रोपिकल मेट्रोलॉजी द्वारा किया गया था, जिसमें यह सामने आया कि यह वायु लोगों के सांस लेने के लिए बेहद ही खराब है।

मैं इस इलाके में पिछले १० सालों से रह रही हूं। साल दर साल यहां की हवा प्रदूषित होती जा रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। एक तरफ पेड़ कटते जा रहे हैं, दूसरी तरफ कारखाने बढ़ते जा रहे हैं। इससे हवा तो प्रदूषित होगी लेकिन सरकार को इस पर ध्यान देकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का प्रयास करना चाहिए।
– नाजिया खान (निवासी)
इस क्षेत्र में समय के साथ इमारतें और वाहनों की संख्या बढ़ रही है, जिसके कारण ध्वनि और वायु प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए
– आमिर सुहैल (निवासी)
प्रदूषण हमारे शरीर में फेफड़ों के साथ-साथ दिमाग और अन्य भागों को भी प्रभावित करता है। प्रदूषण से शरीर का वजन भी बढ़ता है इसलिए प्रदूषण रोकने के लिए सरकार और लोगों को मिलकर कदम उठाने चाहिए।
– डॉ. संदीप साल्वी
(डायरेक्टर ऑफ चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन)