दिल के मरीजों की  जान बचाएगी पुलिस

आमतौर पर कानून और व्यवस्था का काम देखनेवाली पुलिस अब डॉक्टर की तरह मुंबईकरों की जान बचाने का काम भी करेगी। खासकर दिल की बीमारी के चलते जिन लोगों को जरूरी च्किित्सा सेवा समय पर नहीं मिल पाती है, उनको अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। ऐसे मरीजों को डीएन नगर पुलिस स्टेशन अब तत्काल प्रारंभिक चिकित्सा सेवा देकर उनको संजीवनी देने का काम करनेवाली है। दिल का दौरा पड़ने पर ४ से ६ मिनट में उपचार न मिलने पर ९५ प्रतिशत मामले में अचानक कार्डियाक मृत्यु हो जाती है। देश में कई बार इमर्जेंसी सेवा भी तत्काल नहीं मिलती। इसीलिए जीवनरक्षक उपकरण की जरूरत बढ़ जाती है। इसी जरूरत को देखते हुए दी बॉम्बे सीकोस्ट रोटरी फाउंडेशन ने जीवनरक्षक उपकरण ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर्स (एईडी) मशीन डीएन नगर पुलिस स्टेशन को उपलब्ध कराई है। एईडी मशीन का इस्तेमाल करने के लिए किसी प्रशिक्षित मेडिकल प्रोफेशनल की जरूरत नहीं होती। एक सामान्य शिक्षित व्यक्ति भी एईडी मशीन चला सकता है। वह सामान्य ऑडिया और विज्यूअल कमांड से सुसज्ज है। यह पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल डिवाइस है जो हृदय या नाड़ी की अनियमित धड़कन जैसी हृदय संबंधित प्रवृत्ति को खोज लेता है और उसे नियमित करने में सहायक होता है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुरेंद्र सोनेजी के मार्गदर्शन के तहत और हेमांग जांगला के सहयोग से एक एईडी मशीन डीएन नगर पुलिस स्टेशन को उपलब्ध कराया है। इस अवसर पर पीआई सचिन कांबले, रोटेरियन शशि शर्मा भी उपस्थित थीं। सार्वजनिक स्थलों पर जीवनरक्षा के लिए इस तरह के उपकरणों की आवश्यकता है। क्योंकि कई बार सार्वजनिक स्थल पर अचानक किसी व्यक्ति को जब दिल का दौरा पड़ता है तो उस व्यक्ति को जरूरी चिकित्सा नहीं मिल पाती है।