दिवाली पर रोशनी बिखेरेगा धारावी का ‘लक्ष्मीपगला’

दिवाली रोशनी का त्योहार है। लंका में रावण का वध कर विजय प्राप्त करने के बाद जब श्रीराम अयोध्या लौटे थे, तो पूरी अयोध्या नगरी को दीयों से रोशन कर दिया गया था। इसी के साथ दीपावली लक्ष्मी जी का भी त्योहार है, लोग अपने घर-आंगन में लक्ष्मी जी के पद चिह्न बनाकर उनके आगमन की तैयारी करते हैं। इस बार दीपावली पर धारावी के कुम्हारवाड़ा में एक नए और अनोखे ढंग से दिवाली की तैयारी चल रही है। कुम्हारवाड़ा के कुम्हारों ने एक अनोके पैटर्न का दीया बनाया है, जिसकी पूरे मार्वेâट में धूम मची है। ‘लक्ष्मीपगला’ के नाम से प्रसिद्ध इस दीए की नक्काशी में माता लक्ष्मी के पदचिह्नों को बनाया गया है जो कि फिलहाल चर्चा का विषय बना है।
दिवाली में महज १० दिन बचे हैं और दीया बेचनेवालों ने भी अपनी पूरी तैयारी के साथ दीए बेचने शुरू कर दिए हैं। धारावी के कुम्हारवाड़ा में मुंबईकरों के लिए हर प्रकार के दीए बनाए जाते हैं, जिनमें इस साल ‘लक्ष्मीपगला’ के नाम से एक नया पैटर्न बनाया गया है। इस दीए में लक्ष्मी के पदचिह्नों युक्त दो पैरों की एक जोड़ी आती है, जिस पर गहनों की डिजाइन बनी हुई है। जिसकी मार्वेâट में फिलहाल कीमत ३० रुपए से ५० रुपए प्रति जोड़ी है। दीया बनानेवाले कलाकार नितिन कांजीवाला का कहना है कि उन्हें लगता है कि यह त्योहार राम और लक्ष्मी दोनों का है, इसलिए इस साल उन्होंने यह अनोखी डिजाइनवाला दीया अपने हाथों से बनाया है, जिसमें लक्ष्मी के पदचिह्न और दीपक दोनों हैं। इसी के साथ दीया खरीदनेवाली एक महिला पूजा पवार का कहना है कि उन्होंने अभी लक्ष्मीपगला की ४ जोड़ी खरीद ली हैं, जिसे वे अपने घर के सभी दरवाजों पर रखकर आंगन रोशन करेंगी।