दिवा डंपिंग ग्राउंड के लिए मनपा को मोहलत

दिवा डंपिंग ग्राउंड में १ जनवरी से कचरा डंप न करने देने के शिवसेना के एलान से घबराए मनपा प्रशासन को शिवसैनिकों ने ३ महीने की मोहलत दे दी है। मनपा प्रशासन ने एक लिखित निवेदन के माध्यम से शील स्थित वन विभाग की जमीन पर नया डंपिंग ग्राउंड शुरू करने के लिए ३ महीने की मोहलत मांगी है, जिसे शिवसैनिकों ने स्वीकार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि दिवा स्थित डंपिग ग्राउंड में प्रतिदिन ८०० मीट्रिक टन से अधिक कचरा डंप किया जाता है। दिवा डंपिंग ग्राउंड के आसपास किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से केमिकल कंपनियों से निकलनेवाले कचरों को भी चोरी-छुपे फेंक दिया जाता है। डंपिंग ग्राउंड में आग लगने तथा उसमें से लगातार धुआं निकलने की वजह से पूरा दिवा परिसर प्रदूषित हो गया है। इसकी वजह से दिवावासी विभिन्न प्रकार की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। पिछले कई वर्षों से डंपिंग ग्राउंड को हटाने को लेकर आंदोलन किए जा रहे हैं। पिछले हफ्ते सर्व साधारण सभा में उप महापौर रमाकांत मढ़वी तथा दिवा प्रभाग समिति अध्यक्ष शैलेश पाटील ने जब १ जनवरी से दिवा डंपिंग ग्राउंड में कचरा न डालने देने की घोषणा की तो मनपा प्रशासन को सांप सूंघ गया। घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के उपायुक्त अशोक वुरपुले ने प्रभाग समिति अध्यक्ष शैलेश पाटील को एक लिखित पत्र दिया है, जिसमें ३ महीने तक मोहलत देने की मांग की गई है और बताया गया है कि शील डायघर स्थित वन विभाग की जमीन को मनपा तीन महीने के अंदर हस्तांतरित कर लेगी। दिवा डंपिंग ग्राउंड को पूरी तरह से बंद कर वन विभाग की इसी जमीन पर सभी कचरों का निपटान किया जाएगा। मनपा उपायुक्त के इस निवेदन पर शिवसैनिकों ने सकारात्मक रुख अख्तियार कर आंदोलन को ३ महीने के लिए स्थगित कर दिया है। यह जानकारी दिवा प्रभाग समिति के अध्यक्ष शैलेश पाटील ने दी है।