दूर-दराज से बुकिंग, मुंबई में बोर्डिंग, रेल टिकटों पर विजिलेंस की नजर

गांव में निर्धारित शादियों एवं अन्य समारोहों में शामिल होने या परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए बड़ी संख्या में लोग गांव चले गए हैं या जाने को तैयार बैठे हैं। गांव जाने को तैयार लोग आरक्षण केंद्रों पर लाइन लगए हुए हैं या दलालों को दोगुना, ढाई गुना ज्यादा पैसा देकर टिकट खरीद रहे हैं। मुंबई तथा ठाणे स्थित आरक्षण केंद्रों पर विजिलेंस विभाग की कड़ी नजर होने के कारण दलाल राज्य के या राज्य के बाहर के उन आरक्षण केंद्रों पर कब्जा जमा लिए हैं, जहां से लक्जरी बसें या ट्रेन १२ से १६ घंटे के अंदर मुंबई या ठाणे में पहुंच जाती हैं। आरक्षित टिकटों को लाने का काम बस चालक करते हैं। पहले से निर्धारित स्थान पर खड़े दलाल को वे टिकट दे देते हैं और बदले में उन्हें कुछ रुपए मिल जाते हैं। राज्य के दूर- दराज आरक्षण केंद्रों तथा अन्य राज्यों के आरक्षण केंद्रों से निकाले गए टिकटों की बोर्डिंग मुंबई या ठाणे है, उन सभी टिकटों पर रेलवे के विजिलेंस विभाग की कड़ी नजर है।
विजिलेंस की कार्रवाई से भंडाफोड़
रेलवे विजिलेंस विभाग ने ठाणे परिसर से दलालों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो हैदराबाद स्थित आरक्षण केंद्रों से उत्तर प्रदेश की तरफ जानेवाली एक्सप्रेस गाड़ियों का टिकट निकालते थे और लग्जरी बस चालकों के माध्यम से टिकटों की ठाणे या मुंबई में काला बाजारी करते थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विजिलेंस विभाग के अधिकारियों के हत्थे चढ़े उस दलाल ने बुधवार को दोपहर बाद कुर्ला से आजमगढ़ जानेवाली विशेष एक्सप्रेस ट्रेन सहित अन्य कई ट्रेनों के टिकट बस चालक के माध्यम से ठाणे में मंगवाया था पर आरक्षित टिकट उस दलाल के हाथ में पहुंचता उससे पहले ही विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र के दूर-दराज स्थित आरक्षण केंद्रों पर बड़े पैमाने पर टिकटों की कालाबाजारी का खेल चल रहा है। विजिलेंस विभाग के अधिकारी उस टिकट के साथ ट्रेन में बैठे यात्रियों से पूछताछ कर रहे हैं।
कोटा पर भी सोंटा
रेलवे के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से टिकट दलाल वेटिंग टिकटों को कोटा में कन्फर्म करवाते हैं। यह धंधा भी बड़े पैमाने पर चल रहा है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक के रेलवे के विभिन्न विभागों में कुछ सीटों का कोटा निर्धारित रहता है। इन्हीं सीटों के निर्धारित कोटे से दलाल वेटिंग टिकटों को कन्फर्म करा रहे हैं। इन कोटो पर भी विजिलेंस विभाग की नजर है। विजिलेंस विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक कुछ टिकटों को ऐसे कोटे में आरक्षित कर दिया गया था, जिसका वह टिकटधारक पात्र नहीं था। ऐसी अनेक यात्रियों से ट्रेन में पूछताछ की गई है और संबंधित विभाग को जानकारी दी गई है।