देवबंद की दादागीरी, बंदे मातरम् पर लगाया बैन

गणतंत्र दिवस पर मदरसों के बच्चों को मदरसे से बाहर न निकलने पर रोक लगानेवाले दारूल उलूम देवबंद ने अब वंदे मातरम् को लेकर दादागीरी दिखाई है। देवबंद ने गणतंत्र दिवस पर मुसलमानों को वंदे मातरम् गाने पर बैन लगाने के साथ ही ‘भारत माता की जय’ के नारे न लगाने का भी फरमान जारी किया है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब देवबंद की ओर से ऐसा विवादित फतवा जारी किया गया है। देवबंद की इस दादागीरी पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने नाराजगी जाहिर की है।
बता दें कि आज पूरे देशभर में गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दारुल उलूम देवबंद ने एक बार फिर विवादित फतवा जारी कर देश में माहौल गरमा दिया है। मदरसा जामिया हुसैनिया के मुफ्ती तारिक ने कहा है कि इस्लाम में अल्लाह के सिवाय किसी और की इबादत नहीं की जा सकती है।
यही वजह है कि मुसलमान ‘भारत माता की जय’ नहीं बोल सकते। वे चाहे मदरसे के पढ़नेवाले छात्र हों यो कोई भी अन्य मुस्लिम। देवबंद के इस फतवे पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने नाराजगी जाहिर की है। गौसिया कमिटी के अध्यक्ष मोहम्मद हुसैन खान ने कहा कि गणतंत्र दिवस से पहले इस तरह का विवादित फतवा जारी किए जाना देश में बनी एकता और शांति के लिए खतरा है। दारुल उलूम देवबंद के इस फतवे का पालन देशभक्त मुसलमान कभी नहीं करेगा। इमदाद-ए-बाहमी के नफीस अंसारी का कहना है कि इस्लाम हमें देशभक्ति की सीख देखता है न कि नफरत का। पैगंबर मोहम्मद साहब का कहना है जिस देश में रहते हो, उस देश का गुणगान किया करो।