देश का ओपिनियन-एनडीए

लोकसभा चुनाव के तहत पहले चरण का मतदान कल होने जा रहा है। मतदान पूर्व विभिन्न टीवी चैनलों की ओर से ओपिनियन पोल कराए गए। इनमें चार प्रमुख ओपिनियन पोल का अध्ययन किया जाए तो देश का मिजाज समझने में देर नहीं लगती। देश का ओपिनियन कह रहा है एक बार फिर एनडीए सरकार।

चार प्रमुख ओपिनियन पोल का औसत निकालें तो एनडीए की सत्ता में वापसी तय लग रही है। दूसरे शब्दों में कहें कि ओपनियन पोल के बोल हैं एक बार फिर राजग सरकार बनेगी। इन ओपिनियन पोल में सबसे ज्यादा सीटें टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे और सबसे कम सीटें सीवोटर ने दिए हैं। इस बार देश का फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा पर है। महापोल के मुताबिक एनडीए संसद की ५४३ सीटों में से २७३ सीटें जीत सकता है, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी जादुई आंकड़े से एक ज्यादा है। पिछले चुनाव में एनडीए को ३३० से ज्यादा सीटें मिली थीं, जो तीन दशकों में मिला सबसे बड़ा जनादेश था।
पिछले चार दिनों में सर्वे जारी करनेवाली ज्यादातर पोलिंग एजेंसियों का कहना है कि फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले में ४० जवानों के शहीद होने के बाद पाकिस्तान से बढ़े तनाव से मोदी का जनाधार काफी बढ़ा है। सीवोटर के अनुसार, ‘आज के हिंदुस्थान में हमने शायद पहली बार बेरोजगारी जैसे मुद्दों के आगे सुरक्षा के मसले को हावी होते देखा है। आजीविका और आर्थिक हितों के संदर्भ में भाजपा खुद को लोगों की नजर में कांग्रेस से बेहतर और अलग साबित नहीं कर पा रही है। हालांकि आतंकवाद पर अंकुश लगाने और उसका जवाब देने की जब बात आती है तो वहीं प्रतिभागी स्पष्ट तौर पर अंतर महसूस करते हैं।

सीवोटर का पोल सबसे कंजर्वेटिव है, जिसने सत्तारूढ़ गठबंधन को २६७ सीटें मिलने की संभावना जताई है। वहीं, टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे ने सबसे ज्यादा २७९ सीटें जीतने की बात कही है। महापोल को देखें तो मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सीटें बढ़कर औसत रूप से १४१ हो सकती हैं।

न्यूज चैनलों और सर्वे करनेवाली एजेंसियों के अनुसार १.३ अरब की आबादीवाले देश में चुनाव पूर्व हुए ओपिनियन पोल में हजारों लोगों की राय ली जाती है और इससे पहले कई बार ये अविश्वसनीय भी साबित हो चुके हैं। इस बार ९० करोड़ लोग वोट देने के योग्य हैं।
कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तान पर जवाबी एयर स्ट्राइक का राजनीतिक हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। इसकी बजाय मुख्य विपक्षी पार्टी ने नौकरियों, किसानों की समस्या, महिलाओं के सशक्तीकरण जैसे कई मसलों को प्राथमिकता से उठाया है।
हालांकि एनडीए राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर जोर-शोर से आगे बढ़ रही है। भाजपा ने सोमवार को जारी किए गए अपने संकल्पपत्र में वादा किया है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को दशकों से मिल रहे विशेषाधिकार को वह खत्म करेगी। पीएम मोदी का दावा है कि वह पहले से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में लौटेंगे जबकि कांग्रेस का कहना है कि देश के गरीब परिवारों को ७२ हजार रुपए सालाना देने के उसके प्लान से उसे सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि देश में चुनाव सात चरणों में कराए जाएंगे और आनेवाले गुरुवार को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। २३ मई को मतगणना होगी और उसी दिन नतीजे भी आएंगे।