देश के जो टुकड़े करेगा उसके पहले टुकड़े करो!, उद्धव ठाकरे ने याद दिलाई शिवसेनाप्रमुख की सीख

मैं सत्ता में रहूं या न रहूं लेकिन मैं तुम्हारे साथ हमेशा रहूंगा, ऐसा किसानों को आश्वासन देते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसेनाप्रमुख की सीख को याद दिलाते हुए उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि जो देश के टुकड़े करेगा, उसके पहले टुकड़े करो। यहां देशप्रेमी जन्म लेते हैं देशद्रोही नहीं। वे कल हातकणंगले में शिवसेना-भाजपा महायुति की जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेनाप्रमुख ने मुझे ऐसा कहा था कि जो लोग तुम पर विश्वास रखते हैं, उनका साथ कभी छोड़ना नहीं, उनका विश्वास बनाए रखना। मैं तुम्हें वचन देता हूं कि धैर्यशील (उम्मीदवार का नाम) की जिम्मेदारी मैं लेता हूं। उसने मुझे वचन दिया है कि वह आजन्म शिवसेना में रहेगा।
बीच के दिनों में नासिक से हजारों किसान मुंबई मोर्चा लेकर आए थे। बुजुर्ग महिलाओं के पैरों में छाले पड़ गए थे। गरीब किसान खून से सने पैरों को लेकर मुंबई के लिए निकले थे। जीने के लिए वो मेहनत करते हैं। खून बहाते हैं। मैंने अपने विधायकों और सांसदों से कहा कि किसानों का स्वागत करो तथा उनके रहने का इंतजाम करो। उनके खाने की व्यवस्था करो। उनकी सारी देखभाल शिवसेना ने की। उस समय हमने ये नहीं सोचा कि किस पार्टी ने किसानों का आंदोलन शुरू किया है। हमारा किसानों से खून का रिश्ता है और हमने उसे निभाया है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की खबर लेते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख ने कहा कि यह चुनाव मेरी मातृभूमि, मेरे देश को किसके हाथों में देना है इसका निर्णय करनेवाला है। चंद्रकांत दादा आपने कहा कि वसंतदादा पाटील की भूमि दादा की पीठ में वार करनेवालों को मतदान करेगी क्या? मैं कहता हूं राहुल गांधी का घोषणा पत्र पढ़ा क्या? उसमें कहा गया है कि वे धारा-३७० नहीं हटाएंगे। पर हम जो देशद्रोही होंगे फिर वो चाहे कोई भी उसे फांसी के फंदे पर लटकाए बिना नहीं रहेंगे। क्रांति सिंह नाना पाटील, पांडू मास्टर ऐसे अनेक वीर सावरकरों ने इस भूमि पर जन्म लिया है। कांग्रेस ने इन सभी का अपमान किया है। इसकी क्लिप मैं तुम्हें भेजूंगा, ऐसा स्पष्ट करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं अंडमान गया हूं। सावरकर ने बहुत ही यातनाएं भोगी हैं। यदि जवाहरलाल नेहरू ने इस तरह की तकलीफ भोगी होती तो मैं उन्हें वीर जवाहरलाल नेहरू कहता। राहुल गांधी की योग्यता ही नहीं है सावरकर का नाम लेने की। उसे चाहिए कि वो सावरकर की किताबों को पढ़े। पहले उनके बारे में जानो फिर भाषण करो। इस दौरान शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस तथा उनके नेताओं पर जमकर प्रहार किया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी युति अब और मजबूत हो गई है क्योंकि उन्होंने अपने संकल्प पत्र में शिवसेना के मुद्दों को ही शामिल किया है। चाहे वो राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा या किसानों के हित का मुद्दा हो। मैंने आप लोगों के आशीर्वाद से युति की है इसलिए धैर्यशील को इतने वोटों से विजयी बनाओ कि सामनेवाले की डिपॉजिट जब्त हो जाए। आप लोगों ने जिम्मेदारी ले ली है और अब इसके आगे मैं जीत की सभा के लिए आऊंगा। ज्योतिबा और आपका आशीर्वाद मिलने से धैर्यशील की जीत निश्चित ही होगी।