" /> देश के १२ राज्यों में  कोरोना का कहर

देश के १२ राज्यों में  कोरोना का कहर

७३ लोगों में कोरोना की पुष्टि
-संक्रमित लोगों की बढ़ी संख्या
-केरल में सबसे ज्यादा मामले आए
-डब्ल्यूएचओ ने किया महामारी घोषित

देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इस जानलेवा वायरस से संक्रमित लोग अलग-अलग राज्यों के हैं। भारत में १७ विदेशी मरीजों समेत कुल ७३ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। चीन से पूरी दुनिया में लगातार पैâल रहे कोरोना वायरस से हो रही बीमारी को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी घोषित कर दिया है।
कोरोना ने अब तक १२ राज्यों को अपने चपेट में ले लिया है। सबसे ज्यादा कोरोना के मामले केरल में आए हैं। यहां १७ लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके बाद में महाराष्ट्र में ११ लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यूपी में भी १० कोरोना के मामले आए हैं। दिल्ली में ६ मामलों की पुष्टि हुई है। मंगलवार को जिन छह नए लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया उनमें तीन ने दुबई के रास्ते अमेरिका की यात्री की थी। दो लोगों ने दुबई की जबकि एक ने लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से फ्लाइट पकड़कर अमेरिका की यात्रा की थी। इनमें चार लोग बंगलुरु, जबकि दो लोग पुणे में हैं। हिंदुस्थान में इन लोगों के संपर्क में आनेवाले १,४०० से ज्यादा लोगों को आइसोलेशन वॉर्ड में रखा गया है। उधर भूटान में एक वायरस संक्रमित अमेरिकी के संपर्क में आए ४०४ हिंदुस्थानियों को असम में अलग-थलग कर दिया गया है और उन पर नजर बनी हुई है। बुधवार को इटली से आए ८३ लोगों को मानेसर में आर्मी की ओर से बनाए गए आइसोलेशन वॉर्ड में रखा गया है। इनमें एक बच्चा और हिंदुस्थानी मूल के नौ विदेशी हैं।

ईरान में फंसे हैं ६,००० भारतीय
नई दिल्ली। चीन के बाद इटली और ईरान जानलेवा कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल हैं। ईरान में ६,००० हिंदुस्थानी भी फंसे हुए हैं। ईरान में फंसे हिंदुस्थानियों को लाने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। हिंदुस्थान सरकार ईरान में ही एक लैब स्थापित करने की कोशिश कर रही है। हालांकि ईरान की जिद के कारण हिंदुस्थान वहां अपना लैब स्थापित करने में सफल नहीं हो पाया है। केंद्रीय स्वास्थ मंत्री हर्षवर्धन ने कल लोकसभा में कोरोना पर जानकारी देते हुए बताया कि हिंदुस्थान ईरान में एक लैब स्थापित करने के लिए सामान भेज चुका है लेकिन अभी तक हिंदुस्थान को लैब के लिए हरी झंडी नहीं मिली है।

नकली टीका लगाया ३ महिलाएं गिरफ्तार
जालना। कोरोना वायरस ने अब तक देश के १२ राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बहुत से लोग अफवाहों का भी शिकार हो रहे हैं। अब तक कोरोना का कोई टीका नहीं बना है लेकिन महाराष्ट्र में तीन महिलाओं ने लोगों को झांसा देते हुए कोरोना का नकली टीका लगा डाला। महाराष्ट्र के जालना जिले में ग्रामीणों को कोरोना वायरस का नकली टीका लगाने के आरोप में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि बीड की रहनेवाली राधा रामनाथ सामसे, सीमा कृष्णा अंढाले और संगीता राजेंद्र अव्हाड को गिरफ्तार किया गया है। वे खुद को डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बताती थीं। अधिकारी ने बताया कि कुछ गांववालों ने ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महादेव मुंडे को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद शिकायत दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास बरामद किए गए नकली टीके और बोतलें राज्य स्वास्थ्य विभाग के पास भेज दिए गए हैं।

कोरोना वायरस का साया पड़ने लगा है। इस फेस्टिवल के जरिए कश्मीर में पर्यटन में जान पंâूकने की कवायद औंधे मुंह गिरती नजर आने लगी है क्योंकि पर्यटकों ने अपनी बुकिंगें रद्द करवानी आरंभ की है। यही नहीं वैष्णो देवी की यात्रा में साल के पहले दो महीनों के आंकड़ों से मिलनेवाली खुशी भी अब कोरोना वायरस के कारण काफूर होने लगी है। जबकि यात्रा में बड़ी संख्या में प्रभवित लोगों के शामिल होने से कटरा में भी महामारी पैâलने का खतरा पैदा हो गया है। स्थिति यह है कि ट्यूलिप फेस्टिवल की तैयारियों में जुटा पर्यटन विभाग प्रशासन की उन चेतावनियों को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें वह कोरोना से बचाव की खातिर अधिक भीड़ एकत्र करने से मना कर रहा है। पर्यटन विभाग की कवायद सिरे चढ़ पाएगी इसके प्रति भी शंका इसलिए है क्योंकि ट्यूलिप फेस्टिवल को देखने की इच्छा रखनेवाले पर्यटकों ने अब अपने कश्मीर के दौरे को रद्द करना आरंभ कर दिया है। ऐसा ही असर वैष्णो देवी की यात्रा पर भी दिखने लगा है जहां कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा करके वापस आए श्रद्धालुओं की आमद से डर पैदा हो गया है।

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