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देश में 69 फीसदी कोरोना रोगी हल्के या बिना लक्षण वाले

बिना लक्षणों वाले कोविड मरीजों को लेकर किए जा रहे दावों पर केंद्र सरकार ने मंगलवार को साफ किया कि देश में 31 फीसदी मरीजों में जांच के वक्त खांसी-जुकाम के पूरे लक्षण पाए गए। लेकिन बाकी 69 फीसदी मरीज ऐसे थे जिनमें कोई लक्षण नहीं पाए गए या हल्के लक्षण थे। लेकिन संक्रमण के बाद कई लोगों में 16 दिन बाद तक भी लक्षण पैदा होते हैं।

आईसीएमार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.रमन गंगाखेडकर ने कहा कि 80 फीसदी लोगों में लक्षण नहीं होने की बात विश्व के एक अध्ययन में कही गई है। बाकी अध्ययन इसकी पुष्टि नहीं करते हैं। लेकिन हल्के लक्षणों को भी बिना लक्षण वाली श्रेणी में शामिल किया है। टेस्ट करते समय भारत में तीन में से दो दो व्यक्तियों में लक्षण नहीं पाए जाते हैं। लक्षण नहीं पाए जाने से तात्पर्य गंभीर लक्षण से है। हल्के लक्षण और बगैर लक्षण, दोनों को बिना क्षण वाले श्रेणी में गिना जाता है।

5 से 16 दिन में दिखते हैं लक्षण
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि लक्षण प्रकट होने में पांच से 16 दिनों का समय लग रहा है। कई लोगों में देरी से लक्षण प्रकट होते हैं। इसलिए बिना लक्षण वाले 80 फीसदी लोगों में हल्के और बहुत हल्के लक्षणों वाले लोग शामिल हैं। लेकिन इससे हमारी जांच को कोई फर्क नहीं पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति किसी रोगी के संपर्क में आए तो उसमें लक्षण आएं या नहीं उसकी जांच हम करते हैं।

कुछ में कभी नहीं दिखते लक्षण
सरकार ने डब्ल्यूएचओ के अध्ययन के हवाले से कहा कि जिन लोगों में कभी कोई लक्षण प्रकट ही नहीं होते उनकी संख्या बहुत कम है। वैश्विक अध्ययन के मुताबिक 15 फीसदी संक्रमितों में गंभीर और पांच फीसदी में अत्यधिक गंभीर लक्षण पाए जाते हैं।