दोस्तों की दुश्मनी में दलालों का एन-काउंटर!

मध्य रेलवे के विजिलेंस ने पिछले दिनों ‘काउंटर वी२’ सर्वर के साथ सलमान खान नामक टिकट दलाल को पकड़ा। रेलवे की कार्रवाई में ऐसा पहली बार हुआ है, जब रेलवे के विजिलेंस विभाग और आरपीएफ ने सीधे किसी सॉफ्टवेयर के सर्वर पर अटैक किया हो। दरअसल इस सर्वर को पकड़वाने के पीछे की कहानी दो जिगरी दोस्तों के बीच टिकट के धंधे को लेकर हुई आपसी दुश्मनी बताई जा रही है, जिसका नतीजा इन दिनों वे दलाल भुगत रहे हैं, जिन्होंने काउंटर वी२ सॉफ्टवेयर से टिकट निकाला था।
बता दें कि लगभग डेढ़-दो साल पहले मध्य रेलवे के जिस विजिलेंस अधिकारी एस के सिंह ने हमीद असरफ नामक ई-टिकट दलाल को बस्ती से पकड़ा था, उसी अधिकारी ने मुंबई में करोड़ों रुपए के ई-टिकट के साथ सलमान खान को काउंटर वी२ सॉफ्टवेयर के सर्वर के साथ पकड़ा है। सूत्रों के अनुसार हमीद असरफ और सलमान खान दोनों शुरू-शुरू में एक साथ ई-टिकट की कालाबाजारी का धंधा करते थे। ‘ब्लैक टी एस’ नामक सॉफ्टवेयर के ये दोनों पार्टनर भी थे लेकिन एक दिन दोनों के बीच कारोबार को लेकर कुछ अनबन हुई और सलमान ने हमीद से किनारा कर लिया। सलमान से अलग होने के बाद हमीद ने कुछ दिन ‘ब्लैक टी एस’ सॉफ्टवेयर से अपना कारोबार किया लेकिन कुछ दिनों के बाद ब्लैक टी एस सॉफ्टवेयर में कुछ बदलाव कर हमीद ने पुराने सॉफ्टवेयर का नाम ‘रेड मिर्ची’ रख दिया, जो कि काउंटर वी२ का सर्वर पकड़े जाने के बाद इन दिनों धूम मचा रहा है। हमीद से अलग होने के बाद सलमान ने अपना खुद का सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मदद से तैयार किया क्योंकि सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कोडिंग (विशेष भाषा) की जरूरत होती है, जिसे आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर के अलावा कोई नहीं दे सकता। सलमान खान ने अपने पहले सॉफ्टवेयर का नाम ‘काउंटर’ रखा था लेकिन हामिद को ई-टिकट के बिजनेस का अच्छा अनुभव और सेटअप होने के कारण जैसे ही रेलवे का तत्काल सर्वर खुलता था, तकनीकि की मदद से हमीद सलमान खान के ‘काउंटर’ सर्वर को हैक कर स्पीड काम करवा देता था। ऐसा होने से सलमान खान के काउंटर सॉफ्टवेयर की डिमांड दलालों के बीच गिरने लगी। इसे देखते हुए सलमान ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मदद से ‘काउंटर’ सॉफ्टवेयर का नया वर्जन ‘काउंटर वी२’ बाजार में उतारा और सीजन में दो-ढाई हजार रुपए के मासिक किराए पर अन्य दलालों को मुहैया कराया। इस दौरान दोनों की दुश्मनी इतनी आगे बढ़ गई थी कि दोनों एक-दूसरे को सॉफ्टवेयर के कमेंट बॉक्स में तंज कसते थे। सूत्रों का कहना है कि एक-दूसरे को टिकट के बिजनेस में मात देने के लिए ही हमीद ने अपने कुछ लोगों की मदद से मध्य रेलवे के विजिलेंस अधिकारी एस के सिंह को टिप दी, जिसके बाद पिछले दिनों सलमान खान के काउंटर वी२ सॉफ्टवेयर के सर्वर पर रेलवे ने छापा मारा। सलमान खान और हमीद की दोस्ती के बारे में जब ‘दोपहर का सामना’ ने विजिलेंस अधिकारी एस के सिंह से पूछा तो उन्होंने दोनों की दोस्ती होने की बात को नकार दिया लेकिन एक मामले में दोनों आरोपी थे, इतना जरूर बताया।