दो वर्षीय मासूम बना सबसे कम उम्रवाला अंगदाता, ४ को मिला जीवनदान

किसी भी अभिभावक के लिए अपने जिगर के टुकड़े को प्राण त्यागते हुए देखना आसान नहीं होता। दुख की इस घड़ी में भी यदि अभिभावक कोई ऐसा निर्णय लेते हैं, जिससे अंगदान की राह देख रहे कुछ अन्य मरीजों को नई जिंदगी मिल सकती है तो सलाम है ऐसे माता-पिता को। ऐसे ही मुंबई के एक दंपति ने अपने दो वर्षीय ब्रेन डेड मासूम के अंगों को दान कर दूसरों की जान बचाने का निर्णय लिया। दो वर्षीय मासूम मुंबई का सबसे कम उम्रवाला अंगदाता बन गया है।
बता दें कि ब्रेनस्टेम ट्यूमर से जूझ रहे दो वर्षीय मासूम को ४ फरवरी को मुंबई अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया था। रविवार को उसकी तबीयत और खराब होती चली गई। आखिरकार डॉक्टरों उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। शोक की इस घड़ी में भी मासूम के अभिभावकों ने बच्चे के अंगों को दान करने का साहसी निर्णय लिया, जिसके चलते ४ लोगों को नया जीवनदान मिलनेवाला है। मासूम के हृदय को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भेजा गया है, जबकि उसकी किडनी लीलावती, ग्लोबल अस्पताल को और लीवर को जुपिटर अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद के लिए भेजा गया है। इतना ही नहीं मासूम की नन्हीं आंखों का भी दान किया गया है, जो किसी अंधेरी जिंदगी में रोशनी का दीप जलाएंगी। अभिभावकों के एक सही निर्णय से ४ लोगों को नया जीवनदान मिलेगा। मुंबई अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि अभिभावकों ने दुख की घड़ी में भी इतना बड़ा निर्णय लिया, यह काबिल-ए-तारीफ है। लोगों को इससे काफी कुछ सीखना चाहिए।