द गाजी अटैक!, इंतकाम में अंधा हुआ आतंकी मसूद, हिंदुस्थान में भेज रहा अफगानी फिदायीन

१९७१ के बांग्लादेश वॉर में हिंदुस्थानी नौसैनिकों ने पाकिस्तान की हमलावर पनडुब्बी गाजी को हिंद महासागर में डुबा दिया था। कुछ महीने पहले उसी घटना पर ‘द गाजी अटैक’ नाम से एक फिल्म भी आई थी। अब एक बार फिर हिंदुस्थान पर गाजी अटैक का खतरा मंडरा रहा है। गाजी नाम के एक अफगान आतंकी को मौलाना मसूद अजहर ने हिंदुस्थान भेजा है ताकि वह यहां खून-खराबा करके उसके आतंकी भांजे व भतीजे की मौत का बदला ले सके।
कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का भतीजा उस्मान मौलाना और भांजा तल्हा रशीद गत ३० अक्टूबर को सेना के साथ हुए एनकाउंटर में मारे गए थे। इनका बदला लेने के लिए मसूद ने अब्दुल रशीद गाजी नाम के आतंकी को राज्य में आतंक पैâलाने भेजा है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब्दुल रशीद गाजी जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर है। वह दिसंबर २०१८ के शुरुआती दिनों में अवैध रूप से जम्मू-कश्मीर में दाखिल हुआ। माना जा रहा है कि गाजी ९ दिसंबर को घाटी पहुंचा था और महीने के आखिर में साउथ कश्मीर के पुलवामा इलाके में था। करीब तीन सप्ताह के इस वक्त में उसके ज्यादातर पैदल चलने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ट्रैवल करने की रिपोर्ट्स हैं। २८ दिसंबर को सुरक्षा एजेंसियों के बीच हुई मीटिंग में अफगानिस्तान के इस पुराने आतंकी को ‘गंभीर खतरा’ बताया गया। इंटरसेप्ट और जासूसों से मिली जानकारी के मुताबिक गाजी के साथ जैश के दो आतंकवादी और भी हैं।
हिंदुस्थान में एक अफगान आतंकीr घुसपैठ कर चुका है। इस आतंकी का नाम गाजी अब्दुल रशीद गाजी है। इसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना अजहर मसूद ने अपने भांजे व भतीजे की मौत का बदला लेने भेजा है। यह आतंकी गत महीने पूर्व जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही यह गाजी कहीं हमला करेगा और गाज गिराएगा।
गाजी हथियारों और मुख्यत: विस्फोटकों का एक्सपर्ट है। वह अफगानिस्तान युद्ध में हिस्सा ले चुका है और अफगानिस्तान में रहते हुए अमेरिकी सेनाओं के खिलाफ ऑपरेशन भी चला चुका है। बीते कुछ महीनों से घाटी में सुरक्षा बल खूब एक्टिव हैं, जिससे आतंकी संगठनों को आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने का मौका नहीं मिल रहा है। जो भी लड़के आतंकी संगठनों से हाथ मिलाते हैं, वो ६-७ महीने के अंदर साफ कर दिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। जहां तक मसूद अजहर के भांजे-भतीजे की बात है, तो इन दोनों को सैन्यबलों ने ३० अक्टूबर २०१८ को साउथ कश्मीर के ही त्राल इलाके में एनकाउंटर में खत्म कर दिया था। यह एनकाउंटर करीब ६ घंटे चला था। मसूद के भतीजे उस्मान को जैश के स्नाइपर शूटर दस्ते का कमांडर बताया जाता था। स्नाइपर्स का यह दस्ता घाटी में सुरक्षाबलों के लिए नया सिरदर्द बनकर उभरा है। इस एनकाउंटर के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने सैनिकों पर पथराव करके आतंकियों को बचाने की भी कोशिश की थी।