‘धनुष’ का दम! रात में भी करेगा दुश्मनों को बेदम

देश की सुरक्षा करनेवाली हिंदुस्थानी सेना को दुश्मनों से लड़ने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। नौसेना को पनडुब्बी खंडेरी और वायुसेना को राफेल से लैस किया गया है। नौसेना, वायुसेना के बाद अब थलसेना को भी सरकार आधुनिक हथियारों से लैस कर रही है। इसी कड़ी में स्वदेशी आर्टिलरी तोप `धनुष’ को हिंदुस्थानी सेना के बेड़े में शामिल किया गया है। दुश्मन को तबाह करने में `धनुष’ सक्षम है। जबलपुर की गन वैâरेज पैâक्ट्री (जीसीएफ) में निर्मित `धनुष’ १३ सेकेंड में तीन फायर कर सकती है। इसका निशाना इतना अचूक है कि तीन फायर एक ठिकाने पर गिरेंगे। धनुष १५५ एमएम ४५ कैलीबर की आधुनिक आर्टिलरी तोप है। इस आर्टिलरी तोप में ८१ प्रतिशत पुर्जे स्वदेशी हैं और सरकार का लक्ष्य ९१ प्रतिशत पुर्जे स्वदेशी करने का है। इस तोप की मारक क्षमता ५० किलोमीटर तक है। इसका वजन १३ टन है और यह पहाड़, रेगिस्तान, बर्फ की पहाडिय़ों के साथ समतल स्थल पर एक समान रूप से कार्य करती है। पहाड़ियों में २२ डिग्री तक बिना किसी सहयोग से चढ़ सकती है। दुर्गम रास्तों में भी आसानी से जा सकती है और माइनस ३ डिग्री से लेकर ७० डिग्री तक एलिवेशन कर सकती है।
धनुष रात के समय में भी अपने लक्ष्य पर निशाना लगा सकती है। हिंदुस्थानी सेना ने कुल ४१४ तोप की मांग की है। तीन वर्षो में हिंदुस्थानी सेना को ११४ धनुष तोप तोप दी जाएगी। इसके अलावा अमेरिका की ऐक्सकैलिबर आर्टिलरी एम्युनिशन भी सेना में शामिल हो गई है। ये सटीक निशाना लगाने और दुश्मन को तबाह करने में सक्षम है। ये बेहद घनी आबादी में भी दुश्मन के लक्ष्य को पूरी सटीकता से ५० किमी से भी ज्यादा दूरी से निशाना बना सकता है। सेना के फास्ट ट्रैक प्रक्रियाओं के तहत इसका अधिग्रहण किया गया था।
तोप में नवीनतम सुविधाएं जैसे कि इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम, एक ऑन-बोर्ड बेलिस्टिक कंप्यूटर, डायरेक्ट डे और नाइट फायरिंग सिस्टम, लक्ष्य का पता लगाने वाली एक आधुनिक प्रणाली और एक संचार प्रणाली शामिल है। १३ टन से कम वजन वाला और ४०० मिमी के उच्च ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ, ‘धनुष’ ‘सबसे कुशल तोप प्रणाली’ है और इसे किसी भी इलाके में तैनात किया जा सकता है।