धमाकों से धकधक!, काशीमीरा से कानपुर तक फटे बम

पुलवामा आतंकी के बाद देशभर में प्रमुख स्थलों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों की इनपुट है कि आतंकी देश के दूसरे हिस्सों में भी आतंकी हमला कर दहशत पैâला सकते हैं। कल यह बात सच होती हुई प्रतीत हुई जब मुंबई के पास काशीमीरा और यूपी में एक ट्रेन के टॉयलेट में बम धमाके की खबरें आई। इन धमाकों की खबरों ने लोगों के दिल की धड़कनें बढ़ा दी। हालांकि दोनों ही जगहों पर स्थानीय पुलिस फौरन जांच में जुट गई। शुरूआती जांच में पाया गया कि दोनों ही बम कम तीव्रता के थे। काशीमीरा में किसी नुकसान की खबर नहीं थी जबकि ट्रेन में हुए बम धमाके में कुछ लोगों के घायल होने की खबर है।
आतंकवाद मुंबई के लिए कोई नई बात नहीं है। ९३ में हुए शृंखलाबद्ध विस्फोटों के बाद लोकल ट्रेनों में विस्फोट और २६/११ आतंकी हमले तक मुंबई आतंक के कई जख्म अपने सीने पर झेल चुकी है लेकिन आतंकवाद के कई गहरे जख्म झेलने के बावजूद न थमनेवाली मुंबई, पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से दहशत में है। दहशत इतनी है कि एक छोटा धमाका भी मुंबई को दहला सकता है। इसका उदाहरण कल दहिसर में हुए छोटे धमाके के बाद देखने को मिला।
बता दें कि दहिसर-पूर्व के काशीमीरा में कल सुबह १० बजे के करीब एक कम तीव्रतावाला बम विस्फोट हुआ। बताया जा रहा है कि विस्फोट ठाकुर मॉल के सामने स्थित सड़क पर हुआ। पास से गुजर रहे बाइक सवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को मौके से प्लास्टिक की बोतल के टुकड़े, छर्रे एवं प्लास्टिक की थैली में सफेद रंग का संदिग्ध पदार्थ और जूट फ्यूज मिला है। आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट उसी से किया गया है। हालांकि यह विस्फोट बहुत ही कम तीव्रता का था फिर भी इसने मुंबईकरों सहित तमाम जांच एजेंसियों को दहलाकर रख दिया। कल दिनभर पुलिस और पब्लिक में इसी धमाके की चर्चा रही। घटना के बाद काशीमीरा पुलिस के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक विभाग सहित एटीएस की टीम भी घंटों छानबीन करती रही। इस घटना के तुरंत बाद से ही राजमार्ग पर एक तरफ का यातायात बंद कर दिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की कोई बात सामने नहीं आई है। टीम ये पता लगाने में लगी है कि ये ब्लास्ट किस तरह का है और किस तरह का विस्फोटक इस घटना को अंजाम देने में प्रयोग किया गया। अभी तो टीम का मानना है कि ये विस्फोटक लोकल स्तर पर बनाया गया था। इस धमाके की वजह अराजकता पैâलाना और कानून-व्यवस्था में परेशानियां पैदा करना हो सकता है। जम्मू-कश्मीर में हुए पुलवामा हमले के बाद से ही देश के हर कोने की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किए जा रहे हैं, साथ ही कड़े प्रावधान भी लाए जा रहे हैं।