धार्मिक स्थल के पास कब्रिस्तान क्यों?, ग्रामवासियों का नई मुंबई मनपा से सवाल, विरोध में घणसोली बंद

नई मुंबई के घनसोली इलाके में ग्रामीणों के गवली देव धर्मस्थल के समीप कब्रिस्तान की जगह को लेकर ग्रामवासियों ने तीव्र विरोध किया है। कब्रिस्तान में एक शव को मनपा के शर्तिया कानून को न मानते हुए दफन करने की बात से घनसोली में तनाव पैâल गया। उक्त बात से नाराज ग्रामवासियों ने कब्रिस्तान के सामने अपना विरोध प्रकट कर शव को जमीन से निकालने और कब्रिस्तान को हटाने की मांग की है। रबाले पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिनकर मोहिते व पुलिस बल के व्यापक इंतजाम के चलते उक्त मामला आगे बढ़ने से थम गया। कब्रिस्तान के विरोध में घनसोली का इलाका पूर्ण रूप से बंद रहा। ज्ञात हो कि वर्ष २०१३ में घनसोली गवली देव के समीप सेक्टर-१८, सिडको की भूखंड क्र. १० की १९९९.९६ वर्ग मीटर जमीन मनपा ने `मुस्लिम वेलफेयर ट्रस्ट’ को कब्रिस्तान के लिए दी थी। कब्रिस्तान की देख-रेख, व्यवस्थापन एवं दुरुस्ती करने की जिम्मेदारी ट्रस्ट की बताई जाती है। कब्रिस्तान की जगह का विरोध शुरुआत से ही समस्त ग्रामीणों द्वारा जारी है। `ग्रामस्थ मंडल’ का कहना है कि हिंदुओं के धार्मिक स्थल गवली देव के बगल में मुस्लिम कब्रिस्तान का क्या काम? `कोली महासंघ’ के युवा अध्य्क्ष एवं समाजसेवक चेतन पाटील ग्रामस्थ मंडल का समर्थन कर कब्रिस्तान का विरोध जायज बताते हुए अवैध रूप से जमीन में दफन किए गए शव को निकाल कर कब्रिस्तान को अन्यत्र जगह स्थानांतरित करने की नई मुंबई मनपा आयुक्त से मांग की है।