धीमी लोकल होगी लंबी, प्लेटफॉर्म विस्तार के लिए मिले १२ करोड़

पश्चिम रेलवे के धीमे मार्ग पर १५ डिब्बा लोकल ट्रेनों का परिचालन आगामी कुछ सालों में संभव होगा। विगत आम बजट में इस परियोजना को आगे बढ़ने के लिए रेलवे ने १२ करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जिससें धीमे मार्ग पर चल रही १२ डिब्बा लोकल अब और लंबी होगी। पश्चिम रेलवे ने अंधेरी से विरार १५ डिब्बा प्लेटफॉर्म के विस्तार के लिए कुछ महीने पहले टेंडर भी जारी किया है।
बता दें कि फिलहाल पश्चिम और मध्य रेलवे के फास्ट कोरिडोर पर १५ डिब्बा लोकल ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। जबकि धीमे मार्ग पर पश्चिम रेलवे १२ डिब्बा लोकल ट्रेन का परिचालन कर रही है। पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि अंधेरी से विरार के बीच प्लेटफॉर्म के विस्तार के लिए ७० करोड़ रुपए अनुमानित लागत है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद लगभग २ साल में यह काम पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना को इसी साल १ फरवरी के यूनियन बजट में हरी झंडी मिली थी। अधिकारी का कहना है कि अंधेरी और विरार के बीच काफी भीड़ बढ़ रही है। इस मार्ग पर १५ डिब्बा लोकल ट्रेन चलाने से प्रति रेक २५ प्रतिशत लोकल की यात्री वहन क्षमता बढ़ जाएगी। बता दें कि पश्चिम रेलवे १५ डिब्बे की ४२ सेवाओं का परिचालन करती है लेकिन ये सारी सेवाएं फास्ट कोरिडोर पर चलाई जाती हैं। चर्चगेट और मुंबई सेंट्रल के बीच प्लेटफॉर्म की लंबाई पर्याप्त न होने से इन स्टेशनों के बीच इन ट्रेनों को ठहराव नहीं दिया जाता है। अधिकारी का कहना है कि अंधेरी के आगे १५ डिब्बा लोकल चलाना संभव है क्योंकि यहां पर प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
७ लाख यात्रियों की राह होगी आसान
अंधेरी से विरार के बीच १४ स्टेशनों के ३१ प्लेटफॉर्म का विस्तार किया जाएगा। प्लेटफॉर्म विस्तार से उक्त मार्ग पर चलनेवाली १२ डिब्बा लोकल को १५ डिब्बा लोकल में रूपांतरित कर दिया जाएगा। लोकल ट्रेन में ३ अतिरिक्त डिब्बे जुड़ जाने से इन मार्ग पर सफर करनेवाले ७ लाख यात्रियों को भीड़ की झंझटमारी से छुटकारा मिलने की उम्मीद रेल अधिकारियों द्वारा जताई जा रही है। फिलहाल अंधेरी से विरार के बीच रोजाना २१ लाख ९१ हजार ५८० यात्री सफर करते है।
पश्चिम रेलवे ने साल २००९ में सबसे पहले १५ डिब्बा लोकल ट्रेन का परिचालन शुरू किया था।
पश्चिम रेलवे पर रोजाना १३२२ सेवाएं संचालित होती हैं, इनमें से ४२
धीमे मार्ग पर १५ डिब्बा लोकल चलने से प्रत्येक रेक की यात्री वहन क्षमता २५ प्रतिशत बढ़ जाएगी।