धुआं ही धुआं! एक की मौत, ३ गंभीर

मुंबई में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। महीने भर के भीतर यह दूसरा मामला है जब एसआरए इमारत में आग लगी। पहले अंधेरी के लोखंडवाला में और अब महालक्ष्मी स्थित १८ मंजिला इमारत में आग के कारण एक वृद्ध महिला की मौत हो गई और ४ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। दर्जनों पीड़ित अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। सभी पीड़ितों के मुंह से एक ही बात सुनने को मिल रही है कि आग की लपटें नहीं बस काला धुआं ही धुआं दिख रहा था और कुछ नहीं।
बता दें कि रविवार के तड़के सुबह २ बजे के करीब महालक्ष्मी के इमारत ए वन सम्राट अशोक को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में आग लगी थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां रवाना कर दी गर्इं जिसके बाद इमारत में फंसे ७० लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इलेक्ट्रिक डाक्ट में लगी आग के कारण वहां पड़े लकड़े, वायर जलने लगे। नतीजतन, पूरी इमारत में काला जहरीला धुआं पैâलने लगा और दम घुटने के कारण कई लोग बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें नायर अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। नायर अस्पताल में भर्ती पीड़िता देवू बाई (७२) ने कहा कि उनका इलाज नायर में चल रहा है इसलिए वे अपनी बेटी के यहां रुकी थी। आग के बारे में पता चलते ही उनकी बेटी अपनी १८ माह की मासूम को और मुझे लेकर सीढ़ियों से उतर रही थी लेकिन अफरातफरी के चलते हम अलग हो गए। उसके बाद मैं गिर गई और लोग मेरे ऊपर से जाने लगे। फिर मुझे भी वहां से निकाला गया मेरे साथ एक और महिला गिरी थी जिसकी मौत हो गई। नायर अस्पताल के डीन डॉ. रमेश भारमल ने बताया कि कुल १२० लोगों को उपचार देने और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद छोड़ दिया गया। फिलहाल में एक ६० वर्षीय पुरुष और दो बच्चों की हालत नाजुक है उन्हें पीडियाट्रिक आईसीयू में रखा गया है। अब भी नायर और भाटिया अस्पताल में लगभग ३० लोग भर्ती हैं। भाटिया अस्पताल में भर्ती मरीज की भी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
मनपा अग्निशमन दल के प्रमुख प्रभात रहांगदले ने कहा कि इमारत में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने की बात सामने आई है। इलेक्ट्रिकल डाक्ट खुले थे और उसके आसपास घरेलू सामान रखने के कारण आग तेजी से फैल गई। हमने सोसाइटी के मेंबर को नोटिस भेजा है और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आग लगने की वजह पर भी जांच के आदेश दे दिए हैं।