धोखेबाज निकली चीनी मिसाइल, पाकिस्तानी परमाणु ठिकाने पर मिले दुर्घटना के सबूत

पाकिस्तान ने अपने देश में जो मिसाइलें बनाई हैं, वे सभी चीनी मिसाइलें ही हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने संभवत: हिंदुस्थान पर परमाणु हमला करने की तैयारी कर ली थी पर उसके मिसाइल ने धोखा दे दिया। पाकिस्तान के परमाणु हथियार बलोचिस्तान के खजदर गैैरिसन नाम के क्षेत्र में रखे हुए हैं। गत ८ मार्च के सैटेलाइट इमेज बताते हैं कि वहां संभवत: कोई बड़ी दुर्घटना हुई है जिससे जमीन का एक बड़ा हिस्सा जल गया है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान को मिली यह चीनी मिसाइल धोखेबाज निकली और हादसे का शिकार हो गई।

बालाकोट के आतंकी ठिकाने पर भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली थी। मगर ऐन वक्त पर उसकी मिसाइल ने उसे धोखा दे दिया। सैटेलाइट इमेज बताते हैं कि पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने पर कोई बड़ा हादसा हुआ है। वहां ‘२०० मीटर्र े १०० मीटर’ का एरिया पूरी तरह जला हुआ व काला नजर आ रहा है। सैटेलाइट इमेज के विशेषज्ञ कर्नल विनायक भट (रि) के अनुसार वहां कोई बड़ी दुर्घटना हुई है। जितनी बड़ी दुर्घटना दिखाई दे रही है, उससे लग रहा है कि वहां कोई मिसाइल हादसे का शिकार हुई है। यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हादसा पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने खजदर गैरिसन में हुआ है।

पाकिस्तान ने खजदर में अपना परमाणु स्टोरेज बना रखा है। दुनिया में परमाणु हथियार पर नजर रखनेवाली संस्थाओं की रिपोर्ट्स के अनुसार खजदर गैरिसन में ४८ परमाणु हथियार रखने की वैâपेसिटी है। ये हथियार अंडरग्राउंड बंकर में रखे हुए हैं और इन्हें टीईएल (ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लांचर) के जरिए छोड़ा जा सकता है। कर्नल भट के अनुसार वहां जब टीईएल लाए गए होंगे और मिसाइल को परमाणु हथियार के लिए रेडी किया जा रहा होगा तभी हादसा हुआ होगा। इस हादसे के कारण वहां बड़े एरिया में आग पैâल गई होगी। इस हादसे के बाद पाकिस्तान ने मिसाइल से हमला करने का इरादा छोड़ दिया होगा और शांति-शांति की रट लगाने लगा। हो सकता है कि इसके बाद उसने हमले के लिए एफ-१६ को भेजा हो, जिनमें से एक को हमारे बहादुर विंग कमांडर अभिनंदन ने मार गिराया था।

चीन की मदद
पाकिस्तान की जो भी मिसाइल हैं वे चीन की मदद से बनी हैं। मेजर गौरव आर्या के अनुसार पाकिस्तान ने अपना कोई मिसाइल विकसित नहीं किया है और चीनी मिसाइल्स पर ही चांद-तारा चिपकाकर पाकिस्तान उसे अपना मिसाइल बताता है। ऐसे में एक गुंजाइश तो यह भी है कि उन मिसाइल्स को पाकिस्तान शायद तरीके से ऑपरेट नहीं कर पा रहा है। दूसरी संभावना यह है कि चीनी मिसाइल वाकई तकनीकी रूप से खराब हैं। पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम में भी चीन का बहुत बड़ा योगदान है। अगर यही हाल है तो चीनी परमाणु हथियार भी संदेह के दायरे में आ ही जाते हैं।

मिसाइल क्षमता
पाकिस्तान के पास गजनवी मिसाइल है जो ३०० किमी दूर तक मार कर सकती है। इसके अलावा गौरी-१ (१,५००) और गौरी-२ (१,८०० किमी) भी हैं। शाहीन-१ की मारक क्षमता २,५०० किमी और शाहीन-२ की मारक क्षमता २,७५० किमी तक है। इसके अलावा पाकिस्तान के पास अबादिल नामक मिसाइल भी है जिसके बारे में कहा जाता है कि इस पर एक साथ कई बम लादे जा सकते हैं और यह बारी-बारी से सारे टारगेट पर बम गिरा सकती है। शाहीन और अबादिल से परमाणु बम गिराए जा सकते हैं।