धोनी की धमक, नहीं हटाएंगे ग्लव्स से बलिदान बैज

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने इंग्लैंड में धमाका कर दिया है। उन्होंने ‘बलिदान बैज’ वाला अपना ग्लव्स बदलने से मना कर दिया है। बुधवार को साउथेम्प्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया के पहले मैच के दौरान धोनी को ‘बलिदान बैज’ के साथ विकेटकीपिंग करते देखा गया था। इस पर पाकिस्तान ने बवाल खड़ा किया और आईसीसी ने धोनी को अपने ग्लव्स से यह निशान हटाने को कहा था लेकिन धोनी ने अपने ग्लव्स से इस निशान को हटाने से मना कर दिया।
इस मामले में बीसीसीआई के चीफ विनोद राय ने कहा, ‘हम आईसीसी को एमएस धोनी को उनके दस्ताने पर ‘बलिदान बैज’ पहनने के लिए अनुमति लेने के लिए पहले ही चिट्ठी लिख चुके हैं। अब आईसीसी के सूत्रों ने कहा कि नियमों के अनुसार अपील की कोई गुंजाइश नहीं है, लेकिन बीसीसीआई के पास आईसीसी को पत्र लिखने का अधिकार है। इस मामले को तकनीकी समिति को सौंपा जाएगा, जिसमें जेफ एल्डर्स, डेविड रिचर्डसन, कुमार संगकारा, हर्षा भोगले और स्टीव एलवर्थी शामिल हैं, लेकिन बहुत संभावना नहीं है कि वे अपना रुख बदल देंगे। वरिष्ठ आईसीसी सूत्रों का कहना है कि संस्था किसी भी तरह से इस पर पुनर्विचार करनेवाली नहीं है, क्योंकि कोई अन्य टीम भी ऐसा कुछ कह सकती है और आईसीसी को इसे अनुमति देनी होगी। इसके बाद खेल के मैदान में भी धार्मिक या राजनीतिक संदेश जाएगा, जिस पर आईसीसी कभी अनुमति नहीं दे सकती। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईसीसी ने अभी तक इस पर कोई औपचारिक अपील नहीं की है। दूसरी तरफ इंडियन आर्मी धोनी के ग्लव्स पर लगे इस निशान को बलिदान बैज नहीं मानती। इंडियन आर्मी के सूत्रों के मुताबिक यह स्पेशल फोर्सेज का प्रतीक चिह्न है जो मरून रंग में होता है और इसे हिंदी में लिखा जाता है। यह हमेशा छाती पर पहना जाता है। धोनी के दस्ताने पर निशान ‘पैरा स्पेशल फोर्सेज’ का प्रतीक चिह्न है।
बीसीसीआई के बाद खेल मंत्रालय ने भी धोनी का समर्थन किया था। खेल मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, ‘खेल निकायों के मामलों में सरकार हस्तक्षेप नहीं करती है, वे स्वायत्त हैं। लेकिन जब मुद्दा देश की भावनाओं से जुड़ा होता है तो राष्ट्र के हित को ध्यान में रखना होता है। धोनी को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के कारण २०११ में प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी। धोनी यह सम्मान पानेवाले कपिल देव के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं। धोनी को मानद कमीशन दिया गया क्योंकि वह एक युवा आइकन हैं और वह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। धोनी एक प्रशिक्षित पैराट्रूपर हैं। उन्होंने पैरा बेसिक कोर्स किया है और पैराट्रूपर विंग्स पहनते हैं। धोनी ने प्रादेशिक सेना (टीए) की १०६ पैराशूट रेजिमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में अपनी रैंक को साबित कर दिखाया है। धोनी अगस्त २०१५ में प्रशिक्षित पैराट्रूपर बन गए थे।