नई मुंबई में बनेगा पहला रेल टर्मिनस

पनवेल में बनेगा रेल टर्मिनस
५ प्लेटफॉर्मों का दो चरणों में होगा निर्माण
सीएसएमटी, दादर, एलटीटी का भार होगा काम
लोकल सेवाओं की बढ़ेगी संख्या
टर्मिनस की लागत रु. १५४ करोड़
मध्य रेलवे पनवेल में एक रेल टर्मिनस बनाने जा रही है। यह रेल टर्मिनस नई मुंबई का पहला टर्मिनस होगा, जहां से लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। मुंबई में लगातार लोकल यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए करीब एक दशक पहले ही यहां एक रेल टर्मिनस बनाने की जरूरत थी लेकिन दशक बाद ही सही टर्मिनस बनाने की कवायद जरूर रेलवे ने शुरू कर दी है।
बता दें कि मध्य रेलवे ने नई मुंबई स्थित पनवेल में टर्मिनस निर्माण का काम शुरू कर दिया है। इसी के साथ ही कलंबोली रेलवे स्टेशन के पास पनवेल- कलंबोली कोचिंग कॉम्प्लेक्स, मेंटेनेंस डिपो के साथ ही एलिवेटेड कॉरिडोर भी तैयार किया जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष २०२१ रखा गया है लेकिन रेल अधिकारियों की मानें तो इस परियोजना को पूरा करने के लिए निर्धारित समय से २ साल अधिक लगेगा।
टर्मिनस से लाभ
नई मुंबई में पनवेल रेल टर्मिनस का निर्माण हो जाने से इसका लाभ लोकल और लंबी दूरी के यात्रियों को होगा। मुंबई के सीएसएमटी, दादर और लोकमान्य टर्मिनस पर मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन का भार अधिक है। पनवेल में टर्मिनस बन जाने से इन दो स्टेशनों से चलनेवाली कुछ ट्रेनों को पनवेल टर्मिनस से चलाया जा सकेगा। ऐसा होने से उपनगरीय रेल मार्ग से मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के चलाने का भार कुछ हद तक कम हो जाएगा। इसके अलावा लोकल सेवाओं की संख्या बढ़ाने में आसानी भी होगी। मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के कारण सुबह और शाम के समय जो लोकल ट्रेनों की लेट-लतीफी होती है, उस पर भी पूर्णविराम लग जाएगा। इतना ही नहीं गर्मी और त्यौहारों के सीजन में यात्रियों की होनेवाली भीड़ को कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने का मार्ग भी खुल जाएगा। ज्यादा मेल ट्रेनों के कारण रेल यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल पाना संभव होगा।
बनेंगे ५ प्लेटफॉर्म
पनवेल रेल टर्मिनस पर कुल पांच प्लेटफॉर्म होंगे। पहले चरण के तहत तीन मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के ्लए प्लेटफॉर्मों का निर्माण किया जाएगा। जबकि दो प्लेटफॉर्म दूसरे चरण में बनाए जाएंगे। इन प्लेटफॉर्मों से महाराष्ट्र और उत्तर भारत के अन्य शहरों के लिए ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके अलावा मुंबई से कोकण के लिए भी इस टर्मिनस से १० ट्रेनें रोजाना चलाई जा सकेंगी। वर्तमान में मुंबई से कोकण के लिए रोजाना २० ट्रेनें चलाई जाती हैं। पनवेल टर्मिनस निर्माण की अनुमानित लागत १५४ करोड़ रुपए है। पनवेल टर्मिनस की एक रेल लाइन को कलंबोली यार्ड से भी कनेक्ट किया जाएगा।
बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
रेलवे की योजना मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट-३ के तहत पनवेल से कर्जत के बीच एलिवेटेड रेल कॉरिडोर निर्माण करने की है। इस योजना के पूरा होने के बाद सीएसएमटी से पनवेल के बीच रेल यात्री सीधे सफर कर सकते हैं। इसके बन जाने से रेल यात्रियों के सफर के समय में करीब १० मिनट की बचत होगी।