ट्रैफिक नियम तोड़नेवाले सावधान! नए साल से सड़कों पर ‘कैम ट्रैकर’ कांस्टेबल

सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और ट्रैफिक के नियमों का पालन न करनेवाले वाहन चालक सावधान हो जाएं क्योंकि नए साल की नई नजर के रूप में कैम ट्रैकर कांस्टेबल नजर आनेवाले है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र की ट्रैफिक पुलिस को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। महाराष्ट्र की ट्रैफिक पुलिस करीब २,१०० ऐसे कैमरे खरीदने जा रही है जिन्हें शरीर पर पहना जा सकता है। ये कैमरे ट्रैफिक पुलिस के आसपास की गतिविधियों और ट्रैफिक कानून तोड़नेवालों से उनकी बातचीत को रिकॉर्ड करेंगे। ट्रैफिक नियम तोड़नेवाले कई ड्राइवर पकड़े जाने पर अपनी ऊपरी पहुंच का इस्तेमाल करते हैं तो कई ड्राइवर कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस पर ही बदसलूकी का आरोप लगाते हैं। ऐसे ही ट्रैफिक उल्लंघनकर्ताओं से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल को ‘बॉडी वॉर्न वैâमरे’ से लैस किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस के वाहन भी कैमरे से लैस होंगे। इन वाहनों में कार डैश बोर्ड वैâमरा लगाया जाएगा जो निजी वाहनों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगे।
हाई-टेक होगी ट्रैफिक पुलिस
सड़क हादसे को रोकने और ट्रैफिक नियम तोड़नेवालों पर नकेल कसने के लिए ट्रैफिक पुलिस को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर हाई-टेक बनाया जा रहा है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा बनाए गए ५० करोड़ रुपए के मास्टर प्लान को राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है।
बता दें कि वर्ष २०१७ में केंद्र के सड़क परिवहन और महामार्ग मंत्रालय ने सड़क हादसे पर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट में देश में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होनेवाले ५० शहरों की सूची में मुंबई, पुणे और नागपुर शहर का नाम शामिल था। मुंबई में वर्ष २०१७ में हुए ३,२८७ सड़क हादसों में जहां ४९० लोगों की मौत हुई थी वहीं पुणे में हुए १,५०८ सड़क हादसों में ३७० लोगों की मौत हुई है। ऐसे हादसों को रोकने और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन हो इसके लिए महाराष्ट्र की ट्रैफिक पुलिस को हाई-टेक किया जा रहा है। इनके लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ३२ टाटा सूमो गोल्ड नया वाहन खरीदा जा रहा है। इसके साथ ही वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए ९० स्पीड गन, शराबी वाहन चालकों पर नकेल कसने के लिए ६५८ एल्को मीटर्स आदि अत्याधुनिक सामग्री खरीदी जाएगी। स्पीड गन और एल्को मीटर्स का इस्तेमाल महामार्ग पर किया जाएगा। इसके अलावा ५०० मीटर लंबी सड़कों पर ऐसी ब्लैक स्पॉट को तलाशा जाएगा जहां पांच से अधिक हादसे हो चुके हैं। इन ब्लैक स्पॉट से वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी की मानें तो अभी तक राज्य में १२०० ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं सुगम यातायात के लिए १४ हजार ट्रैफिक बैरिकेड्स, ४,१२० बोलार्ड्स, नौ हजार ट्रैफिक कोन, ८,७४८ एलईडी बैटून्स भी खरीदे जाएंगे। वाहन खिड़की टिंट की वैधता को जांचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ५८६ टिंट एनपोर्समेंट मीटर भी खरीदनेवाली है साथ ही वाहनों की टोर्इंग के लिए ७७५ बेल्ट भी खरीदे जानेवाले हैं।