नक्सलवाद करो नेस्तनाबूद!, मुंबईकरों की मांग, पुलवामा की तरह स्ट्राइक करो

गडचिरोली में हुए नक्सली हमले में १६ जवानों के मारे जाने के बाद मुंबईकर आक्रोश में हैं। वे चाहते हैं कि नक्सलियों के खिलाफ सरकार तुरंत कठोर कार्रवाई करे और नक्सलवाद को नेस्तनाबूद करे। जिस तरह पुलवामा हमले के बाद जैश के वैंâप पर स्ट्राइक किया गया था कुछ वैसा ही स्ट्राइक नक्सलियों के खिलाफ भी किया जाए ताकि आए दिन हमारे जवानों पर होनेवाले नक्सली हमलों पर काबू पाया जा सके।
मुंबई के उद्योगपति मनोभव त्रिपाठी का कहना है कि जिस प्रकार से सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करके आतंकवादियों को नेस्तनाबूद कर दिया था, उसी प्रकार अब नक्सलवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए ताकि भविष्य में पुलिस जवानों या आम जनता पर इस तरह का हमला न हो। उत्तर-मुंबई जिला भाजपा के महामंत्री योगेंद्रनाथ पांडेय उर्फ योगी बाबा ने नक्सलवादी हमले में शहीद हुए जवानों पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को अब नक्सलियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़नी चाहिए। जिस प्रकार से आतंकवादियों के खिलाफ मोदी सरकार ने कदम उठाया, उसी प्रकार से नक्सलियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से या अन्य किसी भी माध्यम से नक्सलियों को नेस्तनाबूद करने का समय आ गया है। सरकार को इसके लिए कड़ा कदम उठाने की आवश्यकता है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आदित्य दुबे ने नक्सलियों पर हुए हमले में शहीद हुए जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि नक्सलवाद या आतंकवाद इन सबको नेस्तनाबूद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का खुफिया विभाग पूरी तरह से असफल रहा है, जिसके कारण १६ जवानों को शहीद होना पड़ा। आगे से ऐसी घटना न हो, इसके लिए कड़े कदम उठाने की बात दुबे ने कही। व्यापारी शिवगोविंद श्रीवास्तव का कहना है कि घर में बैठे नक्सलियों को अब नेस्तनाबूद किए बिना सरकार को चैन से नहीं बैठना चाहिए। इसके लिए जो भी आवश्यक कदम हो उठाना चाहिए। इसमें नेता, प्रशासनिक अधिकारी या अन्य जो कोई भी शामिल हो, किसी को भी छोड़ना नहीं चाहिए। अब सरकार को कड़ा कदम उठाना ही चाहिए। इसी प्रकार अशोक अग्रवाल, श्रीराम, शालू उस्ताद, मासूम रजा, संतोष आदि मुंबईकरों का भी कहना है कि सरकार को अब नक्सल को नेस्तनाबूद करके ही दम लेना चाहिए।