ननद की भरनी थी गोद भाभी बनी बच्चा चोर

ननद-भाभी का रिश्ता वैसे तो बहुत ही प्यारा होता है लेकिन असल जिंदगी में इनमें पटती कम ही है। फिल्मों/धारावाहिकों में भी प्राय: ननद-भाभी के रिश्ते में जबरदस्त दुश्मनी ही दिखाई जाती है लेकिन असल जिंदगी में गोद सूनी होने यानी बांझ ननद को तानों से बचाने के लिए एक भाभी ने अपना सर्वस्व दांव पर लगा दिया। ननद की गोद भरने के लिए वह बच्चा चोर बन गई।

बता दें कि ३० मार्च को सुबह ८ बजे के करीब बांद्रा टर्मिनस स्थित पाइप लाइन झोपड़पट्टी में रहनेवाली भिक्षुक महिला शहनाज रहमान शेख की ३ वर्षीय बच्ची गुम हो गई थी। शहनाज ने इसकी शिकायत निर्मल नगर पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। एडिशनल सीपी मनोज कुमार शर्मा, डीसीपी अनिल कुंभारे तथा वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुभाष जाधव के मार्गदर्शन में पीआई प्रमोद कांबले की टीम स्थानीय निवासियों, फेरीवालों, किन्नरों, भिखारियों, सफाईकर्मियों आदि से गुमशुदा बच्ची के बारे में जानकारी जुटाने की हरसंभव कोशिश की लेकिन उन्हें कोई सुराग नहीं मिला। अंतत: पुलिस ने बांद्रा व खार-पूर्व/पश्चिम से चर्चगेट तक रेलवे स्टेशनों एवं आसपास इलाकों में सीसीटीवी फुटेजों की जांच शुरू की। लगभग २०० वैâमरों के फुटेज देखने के बाद मरीन ड्राइव पुलिस की हद में लगे एक वैâमरे में एक महिला बच्ची के साथ जाती नजर आई। महिला के हुलिए को देखते हुए निर्मल नगर पुलिस की टीम चर्चगेट, मरीन ड्राइव, मंत्रालय व आसपास के इलाकों में स्थित झोपड़पट्टियों एवं फुटपाथ पर बच्ची की तलाश शुरू की। अंतत: पुलिस की मेहनत रंग लाई। पुलिस ने मीरा सुनील काले नामक महिला को दबोच लिया, जो कि मंत्रालय स्थित बस डेपो के पास फुटपाथ पर रहती थी। मीरा ने पुलिस को बताया कि उसकी ननद मीना धर्मा चव्हाण नि:संतान है। उसकी गोद भरने के लिए उसने उक्त बच्ची चुराई थी। पुलिस ने मीना के पास से अपहृत बच्ची को सकुशल मुक्त करा लिया तथा मीरा और मीना को गिरफ्तार कर लिया है।