" /> नमस्ते सामना… कोरोना वायरस

नमस्ते सामना… कोरोना वायरस

लोगों को रूला और सता रहा है
कोरोना वायरस का भय
अभी तलक मिला नहीं है
इलाज का पुख्ता उपाय
चीन जैसे संपन्न देश से हो रहा
इस विकट रोग का निर्यात
चीन बांट रहा है कई देशों को
कोरोना वायरस की सौगात
लोग भय से नाक-मुंह ढंककर
सार्वजनिक जगह पर चल रहे हैं
कोरोना के डर से लोग अपना
खान-पान सब बदल रहे हैं
इस बीमारी के नाम से दहशत में
जी रहे आज दुनिया के लोग
दुनिया के सामने आज चुनौती
बन गया है यह नया रोग
डॉक्टर-वैद्य जो भी कहते वही
आज कर रहे हैं सब लोग
सरकार भी तत्परता दिखा रही
देकर सामाजिक सहयोग
न हाथ मिलाएं, न गले मिलें
छींके मुंह पर रख रूमाल
हाथ जोड़ दूर से ही नमस्ते करें
और उनसे पुछें हाल-चाल
इस वायरस से बच के रहना
बहुत ही गंभीर बीमारी है
सावधानी बरतें इस वायरस से
आक्रमण की पूरी तैयारी है
बहुत ही तेजी से पैâल रहा है
खतरनाक कोरोना वायरस
अदरक, लहसुन, तुलसी चबाएं
पीएं फलों का ताजा-ताजा रस
– घूरण राय ‘गौतम’, मुंबई

एक और वायरस!
एक वायरस नाम कोरोना
मचा दिया भीषण तूफान।
उत्पाती आतंकी अद््भुत
या कह दूं उसको शैतान।।
एक वायरस…।।
चीन के हिल्ले में आया है
आफत बनकर सब पर छाया है।
चेहरा सबका कुम्हलाया है
करें भला क्या करें उपाय?
एक वायरस…।।
सब खोंचनी लेकर ढांके मुंह
मुंह से निकले-निकले उंह।
कहते पहले सर्दी होती और जुकाम
फिर होता जीना हराम।।
एक वायरस…।।
दे रहा चुनौती ललकार के
मानव-जीवन के द्वार पे।
किसे दबोचेगा धर के?
दर्द, दवा या तिरस्कार से।।
एक वायरस…।।
चिंता है टूटा विश्वास
खतरे में हम सबका उच्छवास।
यह अजीब कैसी बीमारी
घबराहट में व्याकुल नर-नारी।।
एक वायरस…।।
रोना है बिल्कुल रोना है
हो जाए जो भी होना है।
पर कहना केवल इतना भर
कि भागे बीमारी ये जो कोरोना है।।
एक वायरस…।।
-विद्यासागर यादव,
सानपाड़ा, नई मुंबई