नल की टोंटी खोल देते हैं बंदर

भाइंदर-पश्चिम में रेलवे स्टेशन से सटे बालाजी नगर और हमीरमल नगर परिसर में इन दिनों वानरों ने उत्पात मचा रखा है। पिछले कुछ महीनों से वानरों का एक झुंड इस परिसर में अचानक घूमते देखा जाने लगा था। अब यही वानर भोजन-पानी की तलाश में लोगों के घर में घुसने लगे हैं। घुसने के बाद जमकर उत्पात मचाते हैं। घर का नल खोलकर पानी पीते और खुला ही छोड़कर चले जाते हैं। बंदरों के इस उत्पात से पानी की बर्बादी हो रही है। इस घटना के कारण परिसर के लोगों में कौतूहल के साथ-साथ भय का वातावरण बन गया है। वन विभाग ने लोगों को आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही वन अधिकारियों का एक पथक परिसर का जायजा लेने आएगा। तब तक वानरों को खाने-पीने की वस्तु न दें।
दरअसल इस परिसर के बगल में ही नमक विभाग की खाली जमीन है, जहां कुछ हिस्से में नमक विभाग का ब्रिटिशकालीन पुराना कार्यालय स्थित है। बाकी बची हुई जमीन पर बड़े-बड़े पेड़-पौधे उग आए हैं। उतने से भाग ने एक छोटे जंगल का रूप धारण कर लिया है। कुछ माह पूर्व दो बड़े और दो छोटे वानरों ने अपना आशियाना बना लिया है। कुछ दिनों से वानरों का यह झुंड खाने-पीने की तलाश में इमारत की बालकनी से लोगों के घर में घुसने लगा है। बालकनी में रखे गमलों के पेड़-पौधे और फूलों को खाने के साथ-साथ नुकसान पहुंचा रहे हैं। एक बार घर में घुसने के बाद भगाने पर भी ये वानर नहीं भागते हैं। घर का दरवाजा बंद रहने पर दरवाजे के बाहर रखी वस्तुओं को तितर-बितर कर देतें हैं। दरवाजा खुला मिलने पर घर के अंदर रखे साग-सब्जी, फल लेकर भाग जाते हैं। लोग भी वानरों के हमले के डर से उन्हें भगाते नहीं। हालांकि अभी तक इन वानरों ने किसी पर हमला नहीं किया है।
हाल ही में तिरुपति कॉम्प्लेक्स में ६वीं मंजिल पर रहनेवाले कौशिक की बालकनी में लगे कबूतरों से बचाव की जाली को तोड़कर वानर घर में घुस गए थे। वहीं उनके पड़ोस में रहनेवाली लता नामक महिला के घर में घुसकर वानरों ने टमाटर की दावत उड़ाई और वाश बेसिन का नल खोलकर पानी पीने के बाद नल खुला छोड़कर भाग खड़े हुए। तिरुपति कॉम्प्लेक्स के ही ७वीं मंजिल पर रहनेवाली शोभा उले ने बताया कि वानरों को देखकर छोटे-बड़े सब में एक कौतूहल पैदा होता है लेकिन अब ये घर में घुसने लगे हैं, इससे भय का वातावरण बन गया है। खाने-पीने की वस्तुओं के लिए आक्रामक होकर कहीं ये वानर हिंसक न बन जाएं। उसके पहले ही वन विभाग के अधिकारियों को इन्हें पकड़ कर जंगल में छोड़ देना चाहिए। वन परिमंडल अधिकारी सखाराम कांबले का कहना है कि निवासी परिसरों में वानरों के उत्पात की शिकायतों में वृद्धि हुई है। लोगों को उन्हें खाद्य पदार्थ, जूठे भोजन आदि नहींr देने चाहिए। शहरी भाग में खाने-पीने की वस्तु नहीं मिलने पर वानर स्वत: ही जंगल की ओर चले जाएंगे। दो-तीन दिनों में इन वानरों को इस परिसर से हटाने के उपाय किए जाएंगे।

घर में घुसकर उड़ाते दावत
जमकर मचाते उत्पात
बालाजी नगर के रहिवासी परेशान