नववर्ष में राशियों पर प्रभाव

कल रविवार से नया संवत शुरू हो चुका है। इस वर्ष के राजा सूर्य होंगे और मंत्री शनि हैं। राजा और मंत्री के विचारों में काफी मतभेद होने के चलते कई राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। कई राशियों के लिए ये नव वर्ष बहुत ही लाभदायक है लेकिन जिनके लिए थोड़ी दिक्कतें हैं, वे बताए गए उपाय कर सकते हैं।
मेष- इस राशि के लिए नूतन वर्ष लगभग बहुत अच्छा रहेगा लेकिन, ११ अक्तूबर को बृहस्पति के इनके अष्टम भाव में जाने के कारण कुछ परेशानियों का अनुभव करेंगे। इससे निदान के लिए गाय को रोटी खिलाएं।
गरीब विद्यार्थियों को किताबें दान करें।
वृष – वर्ष के प्रारंभ में परिस्थितियां अच्छी नहीं रहेंगी। कार्य होते-होते रुक जाएंगे। बिगड़े काम बनाने के लिए बृहस्पिति और शनि का पूजन करें। सुंदर कांड का पाठ करने से कल्याण होगा।
काले कुत्ते को रोटी खिलाने से लाभ होगा।
मिथुन –
इस राशि के लोगों के लिए वर्ष बहुत अच्छा है। सारे रुके कार्य होंगे। घर में मांगलिक उत्सव होंगे। ११ अक्टूबर के बाद विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करने से लाभ होगा।
विद्यालय में शिक्षा संबंधी वस्तुओं का भी दान करें।
कर्क – ये संवत्सर मध्यम फल कारक होगा। ११ अक्टूबर के बाद इनके रुके हुए सारे कार्य सिद्ध होंगे।
ग्रहों को और उत्तम बनाने के लिए भगवान शिव का पूजन करना लाभकारी रहेगा।
सिंह – ये वर्ष मध्यम शुभफल कारक होगा। जहां पद प्रतिष्ठा में उन्नति प्राप्त होगी, वहीं शारीरिक कुछ कष्ट भी मिल सकते हैं।
सूर्य की आराधना करें। गाय को गुड़ खिलाएं और पीली वस्तुओं का दान करें।
कन्या – नूतन वर्ष बहुत अच्छा होगा। शत्रु पराजित होंगे। पारिवारिक सुख-समृद्धि प्राप्त होगी। परिवार में मांगलिक कार्य होंगे। ११ अक्टूबर के बाद बृहस्पति का प्रभाव होने से कार्य में व्यवधान प्राप्त होगा।
ॐ बृं बृहस्पतये नम: मंत्र का जप करें और श्री सीताराम का पूजन करें।
तुला – ये वर्ष शुभफल कारक है। घर में मांगलिक उत्सव। यदाकदा झगड़ा-झंझटों के कारण दिमागी उलझन हो सकती है।
निदान के लिए मां दुर्गा की आराधना करें। महिलाओं के प्रति आदर भाव रखें।
वृश्चिक – ये वर्ष मिला-जुला रहेगा। घर परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। विश्वासपात्रों से धोखा मिलने की संभावना है।
बचाव के लिए पीपल पेड़ के नीचे दीपक का दान करें और भगवान शनि की आराधना करें।
धनु – इस राशि के लोगों के लिए ये वर्ष शुभ फल देना वाला है। लेकिन, मध्य साढ़े साती होने से दुर्घटना से कष्ट हो सकता है।
शिव सहस्त्रनाम का पाठ करें। कष्ट दूर होंगे।
मकर – नए वर्ष की शुरुआत अच्छी नहीं होगी। पद-प्रतिष्ठा, सम्मान, धन में कमी होगी।
बृहस्पति और शनि ग्रहों को खुश करने के लिए दान और पूजन करें। गरीबों को कंबल और ब्राह्मणों को पुस्तक और पीला अन्न दान करें।
कुंभ – ये वर्ष इस राशि वालों के सबसे ज्यादा लाभ देने वाला है। इनके रुके हुए कार्य जल्दी पूरे होंगे। नौकरी में वेतनवृद्धि होगी और धन-लाभ होगा। हालांकि, जुलाई के बाद पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।
कुत्ते को रोटी खिलाएं, बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं।
मीन – शुरुआती दौर परेशानी से भरा होगा। यात्राएं करनी पड़ेंगी। नौकरी में बाधाएं उत्पन्न होंगी।
गुरुवार को केले के पेड़ पर जल चढ़ाएं। विद्यार्थियों को केला बांटें। ११ अक्टूबर के बाद रुके कार्य पूरे होंगे।