नशे का डबल डोज!, एलएसडी पेपर में चरस का सुट्टा

दिन-ब-दिन नशे का व्यापार जोर-शोर से चल रहा है। नए-नए नशों के आने का सिलसिला जारी है। जिसे ध्यान में रखते हुए ठाणे नारकोटिक्स पुलिस द्वारा धरपकड़ की जा रही है। पुलिस की इसी धरपकड़ में एक हाईप्रोफाइल तस्कर गिरफ्तार हुआ है। इस गिरफ्तार हाईप्रोफाइल नशेड़ी से पूछताछ में पता चला है कि नशे का डोज डबल करने के लिए हाईप्रोफाइल नशेड़ी एलएसडी पेपर में चरस का सुट्टा मार रहे हैं। पुलिस का कहना है कि तस्कर से उसके ग्राहकों की लिस्ट बनवाई जा रही है।
बता दें कि ठाणे शहर ड्रग्स की तस्करी का अड्डा बनता जा रहा है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया जा/ तो पिछले २ वर्षों में सैकड़ों तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं लेकिन पुलिस के हाथ इस बार एक हाईप्रोफाइल तस्कर लगा है, जो कि वर्तकनगर भाग की एक हाईप्रोफाइल इमारत में रहता है। तस्कर का नाम हितेन मलहोत्रा (२३) है। पुलिस ने हितेन के पास से ३ लाख ८५ हजार का एलएसडी पेपर और चरस जप्त किया है। एंटी नारकोटिक्स सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने पर बताया कि एलएसडी पेपर और चरस बेहद महंगे नशों में शामिल है। एलएसडी के एक छोटे पेपर की कीमत १,५०० रुपए के करीब है जबकि चरस के एक तोले की कीमत २,५०० रुपए के करीब है। आमतौर पर एक गरीब नशेड़ी इस नशे का खर्चा नहीं उठा सकता। इस नशे के खर्च को केवल हाईप्रोफाइल नशेड़ी ही उठा सकते हैं। पुलिस की जांच में आरोपी मलहोत्रा ने बताया कि एलएसडी पेपर का नशा करने के बाद या उसके साथ चरस का सुट्टा मारने पर नशे की मात्रा दोगुनी हो जाती है। गिरफ्तार आरोपी का कहना है कि वह हाईप्रोफाइल इमारत में रहकर हाईप्रोफाइल लोगों को ड्रग्स बेचता था। पुलिस उन सभी हाईप्रोफाइल नशेड़ियों की लिस्ट बना रही है। लिस्ट बनते ही सभी से पूछताछ की जाएगी।
क्या है एलएसडी?
एलएसडी का नशा करने के बाद नशेड़ी को कार्टून और रंग बदलते नजर आते हैं। इस ड्रग्स को विजन ड्रग्स के नाम से भी जाना जाता है। इसका नशा लगभग १८ घंटों तक नशेड़ी के सिर पर सवार रहता है।