नसीब में था दुर्भाग्य और धोखा

हर बारबाला का कोई न कोई दुख जरूर होता है। मीरा रोड की रहनेवाली सोमिया (बदला हुआ नाम) भी उसी में से एक है। उसके नसीब में दुर्भाग्य और धोखा ही लिखा है। दुर्भाग्य उसका साए की तरह जहां पीछा किए रहता है वहीं उसे कदम-कदम धोखा मिलता रहता है। हालात यह है कि जिन मुसीबतों से निजात पाने के लिएसोमिया ने बार में काम करना शुरू किया वे आज भी सोमिया के सामने मुंह बाए खड़ी हैं।
खेलने-खाने की १२ वर्ष की उम्र में सोमिया अपने दो छोटे भाई-बहन को पालने व अपनी मां का हाथ बंटाने के लिए आगरा से मुंबई आकर दहिसर के एक डांस बार में काम करने लगी। वर्तमान में मीरा रोड में अपनी बहन के घर रहनेवाली सोमिया की बदकिस्मती यह रही कि उसने जिस-जिस का हाथ थामा वह या तो उसे छोड़कर इस दुनिया को अलविदा कह गया या फिर उसको धोखा देकर भाग गया। सोमिया जब बहुत छोटी थी तभी उसके पिता बीच सफर में छोड़ कर इस दुनिया को अलविदा कह गए। सोमिया की मां के सामने सबको पालने की जवाबदारी थी। तब अपने एक परचित के साथ सोमिया मुंबई आई। १२ साल की उम्र में ही वह बारबाला बनकर बार के डांसफ्लोर पर उतरी। पांव की थिरकनों के साथ उम्र का पड़ाव भी आगे बढ़ता गया। उसी दौरान किशोर शाह नामक एक व्यक्ति ने सोमिया को झांसे में लिया और उसके जीवनभर की कमाई लेकर भाग गया। काशीमीरा पुलिस में लिखित शिकायत उस वक्त की गई थी लेकिन पुलिस ने बारबाला है इसलिए कोई ख़ास तवज्जो नहीं दी। किसी बात को लेकर एक दिन उसकी मां से उसका झगड़ा हो गया। वह काम पर डांस बार में गई और लौटी तो उसके सब गहने तथा रुपए गायब थे। उसे बहुत ग्लानि हुई कि जिस मां को पालने के लिए वह बारबाला बनी, वही आज उसे धोखा दे गई। एक बार फिर मीरा रोड की महिला मंडली को लेकर सोमिया ने काशीमीरा पुलिस की शरण ली। मां ने बाद में उसके गहने लौटा दिए। अब तक लंबा समय गुजर चुका था। छोटे भाई-बहन बड़े हो चुके थे। जीवन की आपाधापी में सोमिया अपने उस उम्र के पड़ाव को पार कर चुकी थी, जिस उम्र की बारबाला को देखने के लिए लोग अपनी कमाई लुटा देते हैं। सोमिया ने अब जीवन गुजारने के लिए मुंबई में रहनेवाले बंगलुरु निवासी मद्दास्वामी (नाम बदला हुआ) का हाथ थामा लेकिन दुर्भाग्य ने सोमिया को यहां भी पीछा नहीं छोड़ा। पिछले साल गणेशोत्सव के एक दिन पहले बंगलुरु की एक दुर्घटना में मद्दास्वामी भी मौत हो गई। आज भी सोमिया मीरा रोड में अपनी बहन के घर रहती है। अब डांसबारवाले उसे काम पर नहीं रखते हैं क्योंकि वह मोटी हो चुकी है। कुछ लोग कहते हैं कि थायराइड है तो कुछ कहते हैं खान पान का असर है। कुछ भी हो लेकिन जिस सोमिया पर लोग नोटों की गड्डिया उड़ाते नजर आते थे आज वह घर बैठ कर अपने नसीब को कोस रही है।
(क्रमश:)