नहीं होगा अनधिकृत इमारतों के घरों का रजिस्ट्रेशन!

राज्य में अनधिकृत इमारतों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। निर्माणकार्य की आवश्यक अनुमति न होने के बाद भी घरों की बिक्री होती है। जिसके कारण अवैध इमारतों में घर खरीदकर जनता फंस जाती है। इस प्रकार की घटना को टालने के लिए आगे से अनधिकृत इमारतों में घरों की खरीदी का व्यवहार यानी रजिस्ट्री नहीं होगी, ऐसा आदेश राज्य के नगर विकास विभाग ने रजिस्ट्रार कार्र्यालय को दिया है। इससे अनधिकृत निर्माणकार्य में घर खरीदकर फंसनेवाली आम जनता को राहत मिलेगी। अनधिकृत इमारत में घर खरीदने के बाद मनपा का हथौड़ा चलता है। जीवन भर की कमाई लगाकर घर बनाने का जो स्वप्न होता है, वह भंग हो जाता है इसलिए नगर विकास विभाग ने परिपत्र जारी करके उक्त आदेश दिया है। इसके साथ ही सभी संबंधित महानगरपालिकाओं को आदेश दिया गया है कि अनधिकृत इमारतों के निर्माण की सूची संबंधित दोयम निबंधक अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। जिससे गैरकानूनी इमारतों में घरों की खरीदी-बिक्री का रजिस्ट्रेशन न हो सके। यह भी आदेश परिपत्रक द्वारा दिया गया है। इसके अलावा अनधिकृत निर्माणकार्य पर कार्रवाई की नोटिस देने के साथ संबंधित दीवानी न्यायालय में कैविएट दायर करने का भी आदेश मनपाओं को दिया गया है, ताकि मनपा का पक्ष सुने बिना अदालत स्थगन न दे सके। इसके अलावा सभी महापालिका व स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को आदेश दिया है कि अनधिकृत इमारतों का सर्वे नंबर तथा विकासक का नाम सहित सभी जानकारी वेबसाइट पर डालने व समाचार पत्र में प्रकाशित करने का आदेश संबंधित विभाग को नगर विकास विभाग ने दिया है।