" /> नागपुर में आशा कार्यकर्ताओं का दर्द : लोग पत्थर मारते हैं और गालियां देते हैं

नागपुर में आशा कार्यकर्ताओं का दर्द : लोग पत्थर मारते हैं और गालियां देते हैं

नागपुर में कोरोना के बढ़ते असर को देखते हुए अब घर-घर जाकर स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जांच कर रहे हैं। इस दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जहां स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया गया। कहीं पत्थर फेंके गए तो कहीं लोगों ने उन पर थूकना शुरू कर दिया। वहीं कई जगह उन पर जानलेवा हमला भी किया गया। इसी कड़ी में नागपुर में लोगों की जांच के लिए घर-घर जा रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने अपना दुख जाहिर किया है।
आशा कार्यकर्ता ने बताया कि जब हम सर्वे करने जाते हैं तो लोग हमें पत्थर मारते हैं और गालियां देते हैं कि आप सवाल करने हमारे घर क्यों आ रही हैं? हम उन्हें समझाते हैं कि हम उनके हित के लिए काम कर रहे हैं।आप हमें सिर्फ जानकारी दीजिए उसके अलावा हम आपके घर से कुछ नहीं मांगते। बता दें कि आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना रेड जोन एरिया में सर्वेक्षण करने और साथ ही लोगों को कोरोना के प्रति जागरुक करने का काम सौंपा गया है।
नागपुर में कोरोना वायरस के बढ़ते असर को रोकने के लिए की जा रही कोशिशों के बावजूद नए पॉजिटिव मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। नागपुर के सतरंजीपुरा के संक्रमित मृतक की चेन लंबी होती जा रही है। मंगलवार को फिर से नए 11 संक्रमित मिले हैं। इसी के साथ नागपुर में कुल संक्रमितों की संख्या अब 92 पर पहुंच गई है और जो भी लोग पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें मोमिनपुरा और सतरंजीपुरा के ही मरीज हैं। पॉजिटिव मरीज कुछ दिन पहले ही क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए थे।