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नाटकीय ढंग से अरेस्ट हुआ दंगाई ताहिर हुसैन

दिल्ली हिंसा में आईबी अधिकारी की हत्या के मामले में फरार चल रहे आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन पर क्राइम ब्रांच की एसआईटी एक तरफ लुक आउट नोटिस की तैयारी कर रही थी, वहीं आरोपी ताहिर खुद को सरेंडर करने की फिराक में था। ताहिर सरेंडर करने के लिए गुरूवार को राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचा। इस बात की भनक क्राइम ब्रांच को किसी ने दी। क्राइम ब्रांच ने एवेन्यू कोर्ट के बाहर जाल बिछाकर चारों ओर पहरा लगा दिया। ताहिर कोर्ट में बड़े आराम से दाखिल हुआ। जज के सामने पेश भी हुआ, लेकिन जज ने मामले की सुनवाई से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा मसला हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
मुंह लटकाकर जैसे ही ताहिर कोर्ट से बाहर निकला और पार्किंग तक पहुंचा। वहां पहले से घात लगाए बैठी क्राइम ब्रांच की टीम ने दबोच लिया। हालांकि उस वक्त भी उसने भागने की कोशिश की। गिरफ्तार करने के बाद ताहिर हुसैन को क्राइम ब्रांच अपने साथ लेकर रवाना हो गई। अरेस्ट करने दौरान ताहिर अपने बचाव में दलीलें देता रहा कि उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है। उपद्रवियों ने उनके घर का गलत इस्तेमाल किया था। भाजपा पर आरोप लगाते हुए ताहिर ने कहा कि उनको भाजपा नेताओं ने फसाया है। वह किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। बता दें, दिल्ली हिंसा के बाद से ताहिर की तलाश में एसआईटी की कई टीमें जुटी थीं।दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दर्जनों ठिकानों पर उसकी तलाश में छापेमारी हो रही थी। क्राइम ब्रांच के बड़े अधिकारी ने बताया कि छिपने के दौरान ताहिर 2 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। क्राइम ब्रांच ने 24 तारीख को 12 बजे तक की कॉल डिटेल्स खंगाली है जिसमें उसने 24 की रात 12 बजे के आस-पास तक चांद बाग के उसी घर में मौजूद था। उसी दिन उसने करीब 150 कॉल की जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा पार्टी के कई नेताओं को फोन किया। कुछ नंबर ऐसे पाए गए हैं जिन पर उन्होंने सबसे ज्यादा फोन किए थे। लिहाजा ये लोग भी पुलिस जांच की राडार पर आ गए हैं। क्राइम ब्रांच ने ताहिर के भाई पर भी सिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वह भी घटना के दिन उनका साथ दे रहा था।