नाटकी ढंग से दबोचा गया नगरसेवक

सिडको के लेटर पैड का इस्तेमाल कर अवैध निर्माण करनेवाले बहुजन विकास आघाड़ी के नगरसेवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सोमवार की शाम से लेकर मंगलवार ११ बजे तक एक कमरे में छुपकर नौटंकी करनेवाले इस नगरसेवक को पुलिस ने १० घंटे की कड़ी मेहनत के बाद गिरफ्तार किया। वसई-विरार मनपा के प्रभारी सहायक आयुक्त ने कुछ दिन पहले तुलिंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था। पुलिस को सोमवार को सूचना मिली कि फरार नगरसेवक अरुण जाधव यशवंत एंपायर के ११वें फ्लोर पर कमरा नंबर ११०४ में छुपा है। पुलिस ने सोमवार की रात ही पहले फायर ब्रिगेड का सहारा लिया और १४ फ्लोर तक जानेवाली सीढ़ी मंगाई गई। उस सीढ़ी से ऊपर जाने के बाद भी पुलिस सफल नहीं हुई। रातभर पुलिस ने इस सोसायटी के बाहर पहरा रखा। सुबह पूरी सोसायटी की लाइट काटी गई, उसके ४ घंटे बाद यानी दिन में ११ बजे के करीब पुलिस ने इस नगरसेवक को गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार मेसर्स आर्ची डेवलपर्स के मालिक अरुण हरिश्चंद्र जाधव ने सिडको की इजाजत पर आस्था सिद्धिविनायक को. हा. सो. लि. नामक इमारत का निर्माण किया। जाधव ने सिडको के निर्माण के नियमों और अनापत्ति पत्र को अनदेखा कर बिल्डिंग में दर्जनों फ्लैटों का अवैध निर्माण कर डाला। आरोपी नगरसेवक जाधव ने अवैध निर्माण को बेचने के लिए फर्जी अनापत्ति पत्र के दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं दस्तावेजों की मदद से व्यावसायिक गालों और निवासी फ्लैटों की बिक्री की। मामले की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मनपा प्रभाग समिति (बी) के प्रभारी सहायक आयुक्त विजय कृष्णा चव्हाण ने तुलिंज पुलिस स्टेशन में अरुण जाधव पर मामला दर्ज कराया। कोर्ट ने १ जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।