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नाम की सीरीज

किसी जमाने में फिल्में लोगों के मनोरंजन का साधन हुआ करती थीं। दर्शक मनोरंजन के लिए सिनेमाहॉल में जाते थे। उस समय अधिकतर फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करती थीं। निर्माता लेखकों से अच्छी कहानी सुनकर फिल्म निर्माण करते थे, जिस किसी भी फिल्म की कहानी अच्छी होती दर्शक उसे ज्यादा पसंद करते। धीरे-धीरे कुछ लोग कहानी लेखक के साथ-साथ फिल्मों में भी काम करने लगे। वे निर्माता-निर्देशक भी बन गए। ऐसे लोगों को जब बाहर की फिल्में मिलना बंद हो गर्इं तो उन्होंने खुद अपने नाम से फिल्में बनानी शुरू कर दीं। इसमें से एक फिल्म अभिनेता थे आई.एस. जौहर।
१६ फरवरी, १९२० को लाहौर के टोलागंज में इंद्रसेन यानी आई.एस. जौहर का जन्म हुआ। उन्होंने पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक्स से एमए की पढ़ाई पूरी की। इंद्रसेन बचपन से ही फिल्मों में काम करना चाहते थे। एक बार अपने परिवार के साथ वे पटियाला एक शादी में आए थे। उसी दौरान देश का विभाजन हो गया और चारों ओर हाहाकार और मार-काट मच गई। जौहर का परिवार पटियाला से आकर दिल्ली में बस गया। फिल्म में काम करने की ललक उन्हें मुंबई खींच लाई। १९४९ में वे फिल्म ‘एक थी लड़की’ में हीरो बने। आई.एस. जौहर एक ऐसे एक्टर थे जो बिना हंसे सबको हंसाते थे। फिल्म ‘नास्तिक’ का गीत ‘देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान…’ आज के बदलते परिवेश पर बेहद सटीक बैठता है। उनकी फिल्म का गीत ‘जबसे सरकार ने नशाबंदी तोड़ दी मानो या न मानो हमने पीनी छोड़ दी…’ आज भी शराब प्रेमियों का पसंदीदा गीत है। आई.एस. जौहर १९४९ से लेकर १९८२ तक फिल्मों में सक्रिय रहे। ‘गोपीचंद जासूस’, ‘सांझ की बेला’, ‘दो प्रेमी’, ‘गुरु हो जा शुरू’, ‘हम सब चोर हैं’ जैसी कई फिल्मों में उन्होंने काम किया।
प्रतिभा के धनी आई.एस. जौहर लेखक, अभिनेता, निर्माता-निर्देशक क्या नहीं थे? हर गुण उनमें मौजूद था। उन्होंने अपने नाम से फिल्मों में सीरीज शुरू की। ‘जौहर इन कश्मीर’, ‘जौहर इन बॉम्बे’, ‘जौहर महमूद इन हांगकांग’ तथा महमूद को लेकर उन्होंने ‘जौहर महमूद इन गोवा’ में अभिनय किया। आई.एस. जौहर ने बॉलीवुड के अलावा हॉलीवुड की कई फिल्मों में भी काम किया। उनकी अंग्रेजी फिल्म ‘नॉर्थ वेस्ट प्रâंटियर’ थी। दो-तीन अन्य फिल्मों के अलावा उन्होंने टीवी सीरीज ‘माया’ के लिए भी काम किया। उनकी पहली शादी रमाबेन के साथ हुई थी। लेकिन बाद में रमाबेन से उनका तलाक हो गय। इसके बाद उन्होंने पांच शादियां कीं। १० मार्च, १९८४ को ६४ वर्ष की उम्र में इस हरदिल अजीज अभिनेता ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।