नाम बदला, ठिकाना बदला फिर भी पकड़ाया आपा के शौहर का हत्यारा

हत्या मामले में वांछित गवली गैंग के शूटर को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट- ७ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी दयानंद सालियन उर्फ पुजारी, मोस्ट वांटेड माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम कासकर यानी ‘डी’ के जीजा की हत्या में शामिल था। सजा और ‘डी’ के डर से वह यूपी भाग गया था। वहां नाम और ठिकाना बदलकर रह रहा था। २२ साल बाद वह उस समय पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जब वह अपनी मां से मिलने मुंबई आया।
बता दें कि सालियन, अरुण गवली के शूटर अशोक जोशी का साथी था। वर्ष १९९१ में ४ लोगों ने ‘डी’ की बहन हसीना पारकर उर्फ आपा के शौहर इस्माइल पारकर की गोली माकर हत्या कर दी थी। उस टोली में सालियन भी शामिल था। उस वारदात के बाद सालियन और उसका एक साथी भागने में सफल हुए थे लेकिन शैलेश हलदणकर तथा बिपिन शेरे को पब्लिक ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। बाद में पुजारी भी नागपाड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। वर्ष १९९६ में जमानत मिलने के बाद पुजारी कांजुरमार्ग-पूर्व के साईनगर स्थित अपने पुराने निवास पर जाने की बजाय यूपी भाग गया। वह अच्छा कुक था इसलिए नाम और ठिकाना बदल-बदलकर वहां होटलों में काम करने लगा। २२ साल बाद सालियन के कांजुरमार्ग में आने की सूचना यूनिट- ७ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल माने को मिली, जिसके बाद माने के मार्गदर्शन में पीआई सतीश टावरे व पीएसआई संजय सुर्वे की टीम ने उसे दबोच लिया।