नाले की गंदगी से नलबंदी, गटर के कचरे से मनपा परेशान काटेगी पानी की पाइपलाइन

मुंबई के नाले अक्सर लोगों द्वारा फेंके गए कचरे से जाम हो जाते हैं। नाले की गंदगी को लेकर मनपा ने अब कड़ा कदम उठाया है। इसके तहत मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी ने नलबंदी का फरमान जारी किया है। यह नलबंदी नाले से सटे उन परिसरों में की जाएगी, जहां सफाई के बाद नाले में फिर से कचरा पाया जाएगा। गटर के कचरे से परेशान मनपा अब इन परिसरों की पानी की पाइपलाइन काटकर यहां पानी सप्लाई पूरी तरह से बंद कर देगी।

मनपा अफसरों के कामों की पोल अब मनपा का मोबाइल ऐप ही खोलेगा। कल मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी ने ‘एमसीजीएम २र्४ें७’ इस मोबाइल ऐप को और व्यापक व जनाभिमुख बनाने का फरमान दिया है। इस ऐप पर अब मॉनसून पूर्व की गई नाला सफाई और सड़कों से संबंधित कार्यों की तस्वीरें अपलोड होंगी, जिसका आकलन मुंबईकर कर पाएंगे। मनपा अफसरों द्वारा अपलोड की गई तस्वीरों के विपरीत संबंधित कार्यों की तस्वीरें अगर अपलोड करते हैं तो उस तस्वीर के आधार पर उनकी लापरवाही की पोल खुल जाएगी। इसके चलते अफसरों पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।

बता दें कि कल मनपा मुख्यालय में नवनियुक्त मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी की पहली मासिक बैठक हुई। इस बैठक में उन्होंने मनपा अधिकारियों से नाला सफाई से लेकर खतरनाक इमारतों के संदर्भ में जानकारी हासिल की। इस बैठक में ‘एमसीजीएम २र्४ें७’ मोबाइल ऐप को और प्रभावी बनाने का आदेश दिया है, जिससे नागरिक अपनी संबंधित शिकायतों की तस्वीर अपलोड कर सकेंगे। संबंधित शिकायत और तस्वीरों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा, जिसके चलते संबंधित शिकायतों की निश्चित जगह तलाशने में आसानी होगी। आयुक्त ने मॉनसून पूर्व किए गए नालों की सफाई और सड़कों के मरम्मत कार्यों की तस्वीरें ऐप पर १२ जून तक अपलोड करने का आदेश दिया है। इन तस्वीरों के आधार पर मुंबईकर अपने-अपने परिसरों के कार्यों का आकलन कर सकते हैं। अगर अपलोड की गई तस्वीर में मुंबईकरों में कोई शंका निर्माण होती है तो वे उन कार्यों की मौजूदा तस्वीर इस ऐप पर लोड कर सकते हैं। इन तस्वीरों में तथ्य पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकेगी। आयुक्त ने कल जर्जर इमारतों और जल-जमाववाले क्षेत्रों की संख्या को कम करने के लिए उचित कदम उठाने का आदेश भी संबंधित विभाग प्रमुखों को दिया है।

गौरतलब हो कि हर वर्ष नालों की सफाई पर मनपा करोड़ों रुपए खर्च करती है। इसके बावजूद नाले से सटे परिसरों और इमारतों में रहनेवाले गैर जिम्मेदार लोग नाले में कचरा फेंकते हैं, जिससे मॉनसून के दौरान इन परिसरों में जल-जमाव होता है। इसको लेकर नगरसेवक मनपा अफसरों पर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं। इसे आयुक्त ने कल गंभीरता से लिया और अफसरों को स्पष्ट आदेश दिया है कि झोपड़पट्टी, निवासी संकुल से सटकर बहनेवाले नालों में जाली और फ्लोटिंग बूम लगाए हैं। इसके अलावा नाले में कचरा न फेंकने को लेकर वहां के लोगों को जागरूक करें, इसके बाद भी वे नहीं मानते हैं तो दंडात्मक कार्रवाई करें और अंत में इन परिसरों का पानी कनेक्शन काटकर वहां पानी सप्लाई बंद करें।