" /> निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज कराना होगा सस्ता : ठाणे मनपा ने निश्चित की दर

निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज कराना होगा सस्ता : ठाणे मनपा ने निश्चित की दर

सुविधा के अनुसार मरीजों को उठाना होगा खर्च
वैश्विक माहमारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण और निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों को लुटने से बचाने के लिए मनपा प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थाओं द्वारा की गई मांग के बाद मनपा ने निजी अस्पतालों का दर-पत्रक निश्चित किया है। अब इस दर-पत्रक के अनुसार और सुविधा के तहत अस्पताल का बिल भरने की छूट मरीजों को मिलेगी। मनपा सूत्रों की मानें तो अब इस दर-पत्रक में सामान्य, शेयरिंग, स्वतंत्र और अतिदक्षता विभाग के लिए प्रतिदिन का दर निश्चित किया गया है। इस दर के अनुसार कोरोना बाधित मरीज को उपचार के लिए प्रतिदिन चार से दस हजार रुपए का खर्च उठाना पड़ सकता है। ऐसे में एकाध मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे 14 से 18 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ता है। ऐसे में पूरा खर्च तकरीबन डेढ़ या दो से तीन लाख के बीच तक आ सकता है।

मनपा आयुक्त ने की अस्पताल प्रतिनिधि और आईएमए के साथ बैठक
मनपा सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने अस्पताल प्रतिनिधि और आईएमए के साथ बैठक की और इस बैठक में शहर के निजी अस्पतालों में उपचार का दर-पत्रक निश्चित किया। इसके अनुसार जनरल वार्ड में प्रत्येक मरीज से प्रतिदिन चार हजार रुपए लिया जाएगा, जिसमें बेड चार्जेस, डॉक्टर द्वारा जांच शुल्क, पीपीई किट और भोजन को शामिल किया गया है। इसी तरह शेयरिंग रूम में उपचार के लिए प्रतिदिन पांच हजार और स्वतंत्र कक्ष में उपचार के लिए प्रतिदिन सात हजार रुपए देना होगा। इसमें मरीज का स्वतंत्र रूम, डॉक्टर जांच शुल्क, पीपीई किट और खाने की सुविधा का समावेश हैं, जबकि अतिदक्षता (आईसीयू) विभाग के लिए प्रतिदिन दस हजार रुपए लिया जाएगा। इसी तरह वेंटिलेटर के लिए प्रतिदिन अतिरिक्त दो हजार रुपए देना होगा। वहीं प्रत्यक्ष रूप से अन्य सुविधाओं के लिए जैसे उपयोग में आनेवाली दवाओं और सर्जिकल सामानों के खर्च में बाजार भाव की अपेक्षा अस्पतालों के मेडिकल से खरीदने पर 15 फीसदी की छूट मिलनेवाली है।

मेडिकल इंश्योरेंस और आर्थिक स्थिति से मजबूत को नहीं मिलेगा लाभ
इस बैठक में इस पर भी आपसी सहमति बनी है कि जिन मरीजों के पास मेडिकल इंश्योरेंस अर्थात बीमा है और जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत है उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें अस्पताल के पहले दर का ही वहन करना होगा।