" /> निजी अस्पतालों में नियुक्त करो मनपा अधिकारी!

निजी अस्पतालों में नियुक्त करो मनपा अधिकारी!

कल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें कोरोना वायरस से उत्पन्न हालत और उनके उपायों पर चर्चा की गई। मुंबई में निजी अस्पतालों के ८० फीसदी बेड आरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने आदेश दिया था। इस आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए सभी अस्पतालों में मनपा अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया ताकि रोगियों का इलाज ठीक से हो सके। उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इस अवसर पर मनपा आयुक्त आई.एस. चहल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में मुंबई में बेड और अन्य उपकरणों को कैसे बढ़ाया गया है और इससे हमें संक्रमण को रोकने में मदद मिली है।

आयुक्त चहल ने कहा कि प्रत्येक बेड को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, डायलिसिस के मरीजों का इलाज किया जाएगा और २४ घंटे के भीतर परीक्षण रिपोर्ट पेश करने के लिए प्रयोगशाला की आवश्यकता होगी। डॉक्टर और नर्स कोरोना योद्धाओं के रूप में आगे आ रहे हैं। ३,७५० डॉक्टर इलाज के लिए मैदान में उतरे हैं। ४५० डॉक्टरों में से ६० ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुंबई में २१,००० सक्रिय रोगी हैं। शुरुआत में प्रधान सचिव स्वास्थ्य डॉ. प्रदीप व्यास ने प्रस्तुतिकरण किया। उन्होंने बताया कि आज देश में कुल रोगियों का ३५.२३ प्रतिशत महाराष्ट्र में पाया जाता है। देश की तुलना में रोगी के स्वस्थ होने की दर ३१.१९ प्रतिशत है। महाराष्ट्र में मृत्यु दर ३.३७ प्रतिशत है और देश में मृत्यु दर २.८२ प्रतिशत है। जबकि दुनिया में प्रति दस लाख लोगों पर ७७८ मौतें होती हैं। महाराष्ट्र में यह संख्या ४८ है। आज, गुजरात में मृत्यु दर ६.१८ प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में ५.६ प्रतिशत और मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र की तुलना में ४.३२ प्रतिशत अधिक है। राज्य में मृत्यु दर एक समय में ७.५ प्रतिशत से घटकर ३.३७ प्रतिशत पर आ गई है। राज्य में ३०-४० वर्ष की आयु में कोरोना की सबसे अधिक प्रमाण ४० प्रतिशत और ४०-५० वर्ष की आयु वर्ग में १८ प्रतिशत है। ५० और ६० की उम्र के बीच, यह १६.५ प्रतिशत है। ३२ प्रतिशत मरीजों में कोई बीमारी के लक्षण नहीं थे। ६७ प्रतिशत को अन्य बीमारियाँ थीं। मुंबई में ठीक होने की दर ४१.३३ प्रतिशत है और ठाणे में यह ३६.५९ प्रतिशत है। रेलवे शुरू करने आदि विषयों पर भी मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा हुई।